Post office में एकमुश्त ₹2,50,000 जमा पर ₹1,16,062 मिलेगा फिक्स रिटर्न, जानें ये इन्वेस्टमेंट स्कीम


सभी भारतीय पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। - India TV Paisa

Photo:FREEPIK सभी भारतीय पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं।

अगर आप उन निवेशकों में से आते हैं जिन्हें निवेश पर गारंटीड रिटर्न की तलाश है और निवेश की सुरक्षा भी चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी ऐसी निवेश स्कीम में एक बेहतर विकल्प है। यह स्कीम भारत सरकार द्वारा संचालित एक निवेश योजना है। इसमें निवेश का एक खास फायदा यह भी है कि आयकर की धारा 80C के तहत, आप अपने निवेश पर टैक्स बचत भी कर सकते हैं। इसमें निवेश पर मिलने वाला रिटर्न का बाजार के उथल-पुथल से कोई लेना देना नहीं होता है।

ब्याज दर और टैक्स छूट

मौजूदा समय में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 7.7% प्रति सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है। इसमें ब्याज की गणना सालाना आधार पर होती है, लेकिन इसका भुगतान मेच्योरिटी (5 साल पूरे होने पर) के समय ही किया जाता है। निवेश के समय जो ब्याज दर तय होती है, वह पूरी अवधि (5 साल) के लिए स्थिर रहती है। एनएसई पर मिलने वाला सालाना ब्याज फिर से निवेश (री-इन्वेस्ट) माना जाता है, इसलिए अंतिम वर्ष को छोड़कर वह भी 80C के तहत टैक्स फ्री होता है।

₹2,50,000 जमा पर ₹1,16,062 मिलेगा फिक्स रिटर्न

angelone के मुताबिक, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी पर रिटर्न कंपाउंडिंग इंटरेस्ट फ़ॉर्मूला का इस्तेमाल करके कैलकुलेट किया जाता है। कैलकुलेशन का फॉर्मूला है-

मैच्योरिटी अमाउंट = P × (1 + r/n)nt

जहां,

P निवेश की मूल रकम है


R ब्याज दर या कंपाउंडिंग रेट है

T निवेश अवधि है

N कंपाउंडिंग की फ़्रीक्वेंसी दिखाता है

ऐसे में 7.7% प्रति सालाना ब्याज की दर से जब आप एकमुश्त ₹2,50,000 जमा करते हैं तो पांच साल में (मेच्योरिटी अवधि) में आपको इस रकम पर कुल मिलाकर ₹1,16,062 का फिक्स रिटर्न मिलता है। यानी पांच साल बाद आपके पास कुल ₹3,66,062 का फंड तैयार हो जाता है।

कौन कर सकता है निवेश

सभी भारतीय नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम में निवेश कर सकते हैं। नॉन-रेजिडेंट इंडियन्स यानी एनआरआई एनएससी में निवेश नहीं कर सकते। हालांकि, अगर कोई निवासी निवेशक भविष्य में एनआरआई बन जाता है, तो वह सर्टिफिकेट की परिपक्वता तक उसे रख सकता है। व्यक्तिगत तौर पर वयस्क अपने नाम से या नाबालिगों/मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के अभिभावक के रूप में निवेश कर सकते हैं। 10 वर्ष से ऊपर के नाबालिग भी इसमें निवेश कर सकते हैं। ध्यान रहे, ट्रस्ट और हिंदू अविभाजित परिवार यानी एचयूएफ इस स्कीम में निवेश नहीं कर सकते। हालांकि, एचयूएफ के कर्ता अपने नाम से नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट स्कीम में निवेश कर सकते हैं।

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