
काशी के मणिकर्णिका घाट में तैनात पुलिसकर्मी
उत्तर प्रदेश के काशी में मूर्तियां तोड़ने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों को एआई जनरेटेड बताते हुए कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था। वहीं, अजय राय ने कहा है कि संवैधानिक पद पर बैठे योगी आदित्यनाथ को झूठ नहीं बोलना चाहिए। इस बीच एआई जनरेटेड फोटो शेयर करने वाले आठ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संवैधानिक पद पर बैठकर झूठ क्यों बोल रहे हैं। काशीवासियों ने देखा है कि वहां अहिल्या माता की मूर्ति तोड़ी गई। काशी का अपमान हुआ है। काशी की विरासत को आप ध्वस्त कर रहे हैं। भाजपा ने काशी की पवित्रता को भंग किया है।”
गलत जानकारी फैलाने वालों पर केस दर्ज
मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर एआई जनरेटेड तस्वीरें एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर 8 लोगों और उनके एक्स हैंडल को नामजद करते हुए बीएनएस की धारा 196, 298,299,353 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मणिकर्णिका घाट की कई तस्वीरें शेयर करते हुए यह दावा किया गया था कि प्रशासन की तरफ से यहां मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। इन लोगों पर गलत जानकरी फैलाने, हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों को धोखा देने, भ्रमित करने, समाज में आक्रोश पैदा करने, सामाजिक सौहार्द खराब करने का आरोप है।
तमिलनाडु की कंपनी है शिकायतकर्ता
तमिलनाडु के शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि उनकी कम्पनी मणिकर्णिका घाट पर स्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं सुन्दरी करण का कार्य 15 नवंबर 2025 से कर रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें यह जानकारी में आया है कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुन्दरीकरण के कार्य का वर्णन करते हुये वास्तविक तथ्यों के विपरित असत्य व निराधार एवं भ्रामक तथ्यों पर आधारित पोस्ट किए जा रहे हैं।
सामाजिक सौहार्द खराब करने का आरोप
शिकायत के अनुसार वास्तविक तथ्यों के विपरित एक्स हैण्डल पर फोटोग्रफ्स शेयर कर हिन्दू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले आमजन को एक्स हैण्डल के माध्यम से धोखा देते हुये भ्रमित किया गया है एवं समाज में आक्रोश उत्पन्न कर सामाजिक सौहार्द खराब किया गया है, जिससे एक्स हैण्डल पर तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं। भारत सरकार को विदेशी आक्रांता औरंगजेब से जोड़ा गया है, जिससे सरकार में आस्था रखने वाले लोगों में आक्रोश उत्पन्न हुआ है, सामाजिक सौहार्द खराब हुआ है।
समाजवादी पार्टी ने भी उठाया मुद्दा
समाजवादी पार्टी ने भी मणिकर्णिका घाट में देवी-देवताओं की मूर्तियां तोड़ने के आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने भी कहा कि सीएम योगी काशी में मूर्तियां तोड़ने की बात को गलत कह रहे हैं, लेकिन यही बात काशी जाकर वहां के लोगों की आंखों में आंख डालकर नहीं कह सकते हैं। उन्होंने काशी के अन्य लोगों के बयान भी शेयर किए, जो मूर्तियों के तोड़े जाने की बात कह रहे थे।
(वाराणसी से अश्वनी त्रिपाठी की रिपोर्ट)
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