
मैक्रों के सनग्लासेज पर ट्रंप ने तंज कसा था।
पेरिस: स्विट्जरलैंड के डावोस में दुनिया के बड़े नेताओं की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा पहना गया चश्मा छाया रहा। डावोस में जहां बड़े-बड़े नेताओं ने कई अहम भाषण दिए, लेकिन कहा जा सकता है कि मैक्रों के इस चश्मे ने शब्दों से ज्यादा ध्यान खींचा। मैक्रों के मुताबिक, उन्होंने यह चश्मा उनकी दाहिनी आंख की एक मामूली मेडिकल समस्या को छिपाने के लिए पहना था। वजह जो भी रही हो, लेकिन यह चश्मा न सिर्फ यह चश्मा सोशल मीडिया पर छाया रहा, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका मजाक उड़ाया, और तमाम मीम्स इंटरनेट पर वायरल हुए। आइए, जानते हैं कि इन चश्मों ने वैश्विक सियासत में कैसे खलबली मचा दी।
‘फाइटर जेट पायलट’ के रूप में छा गए मैक्रों
मैक्रों के चश्मों ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स का ध्यान इस तरह खींचा कि उनका AI से बना एक स्पूफ वीडियो भी बना दिया गया। इस वीडियो में मैक्रों को फाइटर जेट पायलट के रूप में दिखाया गया और इसमें टॉम क्रूज की फिल्म ‘टॉप गन’ का गाना ‘डेंजर जोन’ बज रहा था। मैक्रों ने यह चश्मा 2024 में खरीदा था, और इसकी मैन्युफैक्चरिंग फ्रांस में ही हुई थी। कई विश्लेषकों का मानना है कि मैक्रों के इन सनग्लासेज से ट्रंप चिढ़ गए थे और यही वजह है कि उन्होंने इस पर तंज कसा था। माना जा रहा है कि मैक्रों ने इन चश्मों के जरिए ट्रंप के एक संदेश दिया है कि वह तमाम मुद्दों पर उनसे सहमत नहीं हैं और यूरोप एवं अपने देश के हितों को लेकर अटल हैं।

अपने सनग्लासेज में मैक्रों काफी कूल लग रहे थे।
मैक्रों के भाषण के बाद हिट हो गए ये चश्मे
मैक्रों के ऑफिस ने बताया कि यह चश्मा फ्रांस की कंपनी हेनरी जुलियन ने बनाया है। यह पैसिफिक एस 01 मॉडल है, और कंपनी की वेबसाइट पर इसकी कीमत 659 यूरो (करीब 71 हजार रुपये) है। मैक्रों ने डावोस में एक बेहद ही सख्त भाषण दिया, और उनके अंदाज की वजह से इस चश्मे की कंपनी को मुफ्त में इतनी पब्लिसिटी मिली जितनी कि वे पैसे से हासिल नहीं कर सकते थे। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हमारी ई-शॉप वेबसाइट पर चश्मों के बारे में जानकारी लेने के लिए लोग उतावले हैं।’ कंपनी की इतालवी पैरेंट कंपनी आईविजन टेक स्पा के शेयर मिलान स्टॉक एक्सचेंज पर बढ़ गए। मंगलवार को जब मैक्रों ने भाषण दिया, तब शेयर 1.51 यूरो का था, जो शुक्रवार को 2.63 यूरो तक पहुंच गया।
‘खास सनग्लासेज में कूल दिख रहे थे मैक्रों’
फ्रांस के राष्ट्रपति के चश्मों का विश्वेषकों ने भी अपने-अपने हिसाब से मतलब निकाला। कुछ लोगों ने कहा कि मैक्रों को इन चश्मों ने एक कॉन्फिडेंट लुक दिया और उन्होंने इसे अच्छे से कैरी किया। अपने इन चश्मों में 48 साल के मैक्रों युवा दिख रहे थे और काफी ‘कूल’ लग रहे थे। कुछ लोगों का मानना है कि इन चश्मों में मैक्रों का कॉन्फिडेंट लगना और एक दमदार स्पीच देना ही डोनाल्ड ट्रंप को खल गया, और बाद में उन्होंने इसे लेकर तंज कसा। बता दें कि ट्रंप इससे पहले भी मैक्रों पर कई मौकों पर तंज कस चुके हैं। मैक्रों ने मंगलवार को दावोस में अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले एक्स्ट्रा टैरिफ की खुलकर आलोचना की थी।
