
यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर कुमार विश्वास ने दी प्रतिक्रिया।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक प्रदर्शनी हॉल में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतार कर नारेबाजी भी की। उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने कुछ देर बाद इन लोगों को वहां से हटाया। इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को आज ही पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। FIR में दिल्ली पुलिस कई गंभीर धाराएं लगा रही है। पुलिस के साथ आरोपियों ने हाथपाई भी की। अब दिल्ली पुलिस इस मामले में लार्जर कॉन्सपिरेसी की जांच कर रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि “उन्हें तुरंत हटा दिया गया और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। कानून-व्यवस्था की स्थिति को भंग करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।”
कुमार विश्वास ने दी प्रतिक्रिया
वहीं इस पूरी घटना को लेकर विख्यात कवि कुमार विश्वास ने भी प्रतिक्रिया दी है। कुमार विश्वास ने एक्स पर लिखी एक पोस्ट में कहा, “एक अंतराष्ट्रीय मंच पर जहां विश्व भर के सबसे महनीय मेहमानों के सामने देश अपनी तकनीकी-शक्ति को सिद्ध करने पर जुटा पड़ा है, वहां देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये नंगा प्रदर्शन वस्तुतः विपक्ष के मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन है। दुःखद है कि कांग्रेस जैसी पुरानी व वैचारिक रूप से पकी हुई पार्टी में मुद्दों का इतना भीषण अकाल आ पड़ा है। आपसे न हो पाएगा भाई।”
भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला
भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने विरोध प्रदर्शन के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘राष्ट्रीय कलंक’ बताया और कहा कि पार्टी को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है, कांग्रेस पार्टी ने गरिमा की जगह व्यवधान को चुना। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य था। जब देश खुद को एक वैश्विक प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है, तब ऐसा आचरण केवल उन लोगों के हितों की पूर्ति करता है जो भारत को लड़खड़ाते देखना चाहते हैं। राजनीतिक विरोध करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करना उचित नहीं है। भारत इससे बेहतर का हकदार है।”
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