
अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर।
नई दिल्लीः ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारतीय विदेश मंत्रालय का पहला रिएक्शन सामने आया है। एमईए ने कहा है कि ईरानी दूतावास में भारत ने शोक पुस्तिका खुलने के पहले ही दिन 5 मार्च को हस्ताक्षर किया था। MEA प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, विदेश सचिव ने भारत सरकार की ओर से ईरानी दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने ऐसा 5 मार्च को ही किया, जो पुस्तिका खुलने का पहला दिन था। इसलिए टिप्पणीकारों के लिए अच्छा होगा कि वे महत्वपूर्ण मामलों पर पहले खुद को अपडेट करें, उसके बाद ही सार्वजनिक रूप से बोलें; ऐसी अज्ञानी टिप्पणियों से बचना बेहतर है।”
बता दें कि विपक्ष यह सवाल उठाता रहा है कि भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर अपना कोई पक्ष जाहिर नहीं किया। जबकि ईरान-भारत के पुराने समय से ही मजबूत रिश्ते हैं। विपक्ष कई बार यह मांग करता रहा है कि इस मसले पर भारत सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। अब विदेश मंत्रालय ने इस मसले पर अपना पहला आधिकारिक बयान दिया है। एमईए ने अब साफ कर दिया है कि उसने खामेनेई की मौत के बाद ईरानी दूतावास में उसकी शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किया था। यानि भारत ने खामेनेई की मौत पर लिखित में दुख व्यक्त किया था।
28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका ने की थी खामेनेई की हत्या
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका की संयुक्त हवाई हमलों में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। यह एयरस्ट्राइक तेहरान में उनके कंपाउंड पर की गई, जहां खामेनेई अपने अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक कर रहे थे। यह हमला खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने 1 मार्च को की, और ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी मौत की घोषणा की। यह हमला कई उच्च-स्तरीय ईरानी अधिकारियों को निशाना बनाने वाला था, जिसमें खामेनेई के साथ उनके परिवार के कुछ सदस्य और सैन्य नेता भी मारे गए। अब खामेनेई के बड़े बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है, लेकिन युद्ध जारी है और स्थिति अस्थिर बनी हुई है।
