अजित पवार पर सुप्रिया सुले ने कसा तंज, बोलीं- मन से मांगते तो चुनाव और पार्टी दे देते । Supriya sule targets ajit pawar says i will not take anything from anyone by snatching


Supriya sule targets ajit pawar says i will not take anything from anyone by snatching- India TV Hindi

Image Source : PTI
सुप्रिया सुले ने भाई अजित पवार पर किया कटाक्ष

एक तरफ देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तारीखों का ऐलान किया जा चुका है। वहीं लोकसभा चुनाव 2024 की भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। वहीं दूसरी तरफ एनसीपी पर हक की लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। शरद पवार का साथ छोड़ चुके अजित पवार पर अब सुप्रिया सुले ने बड़ा हमला बोला है। अजित पवार की बहन सुप्रिया सुले ने जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि अगर मैं काबिल हूं तो महाराष्ट्र मेरे साथ न्याय करेगा, लेकिन मैं किसी दूसरे से छीनकर नहीं लूंगी। बता दें कि केंद्रीय चुनाव आयोग में जारी सुनवाई में शरद पवार गुट और अजित पवार गुट एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। 

अजित पवार पर सुप्रिया सुले का कटाक्ष

दोनों ही गुट एक चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम हासिल करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। इस बीच शरद पवार की बेटी व सांसद सुप्रिया सुले ने अपने भाई अजित पवार पर हमला बोला। अहमदनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘परसों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को नोटिस भेजी गई थी। जो जन्मदाता होता है, उसे कीमत पता होता है। शरद पवार दिल्ली गए थे और पूरी सुनवाई के दौरान वो वहां मौजूद रहे। सामने वालों (अजित पवार गुट) की तरफ से कौन गया था? उन्होंने एक कोर्ट कार्टून को भेजा था, जिनको (एनसीपी) चाहिए उनमें से क्या कोई एक भी व्यक्ति वहां गया था।’

‘मन से मांगते तो पार्टी दे देते’

उन्होंने कहा, ‘अगर एनसीपी मुझे चाहिए होता तो मैं वहां बैठी रहती। जो मेरा है, वो मेरा ही है और मेरा ही रहेगा। ऐसे शरद पवार के विचार हैं, मेरे नहीं।’ सुप्रिया सुले ने अपने संबोधन में आगे कहा कि भगवान की कृपा से मेरा दिमाग, आंख, हाथ, पैर, कान सब चल रहा है। उम्र मेरे साथ है। पार्टी को मैं शून्य से फिर खड़ा करूंगी। अगर मैं काबिल हूं तो महाराष्ट्र मेरे साथ न्याय करेगा, लेकिन दूसरे का छीनकर नहीं लूंगी। असली एनसीपी होने का दावा करने वाले अजित पवार पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि ये पार्टी क्या चीज है। अगर मन से मांगा होता तो पार्टी क्या चुनाव चिन्ह भी दे देते। देने में बस दिल बड़ा होना चाहिए।





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