अपने ही थाने में 3 पुलिसकर्मी बने हत्या के आरोपी, चोरी के शक में लाई महिला की पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत


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पुलिस

रीवा: शहर के सिविल लाइन थाने में अक्टूबर माह के दौरान चोरी की संदेह पर लाई गई एक महीला की पुलिस अभिरक्षा में हुई संदिग्ध मौत के राज का आज पर्दाफाश हो गया। मृतका शहरी क्षेत्र में रहकर एक घर में खाना बनाने का काम करती थी। बीते अक्टूबर माह में उसके मालिक के घर पर चोरी की एक बड़ी वारदात हुई जिसके बाद मालिक ने खाना बनाने वाली पर चोरी का आरोप लगाया और मामले की शिकायत सिविल लाईन थाने में की। चोरी के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस महिला को थाने ले आई लेकिन पुलिस अभिरक्षा में ही संदीग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई।

घटना के 2 महीने बीत जाने के बाद हुआ पर्दाफाश

अक्टूबर में चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए लाई गई महिला को सिविल लाइन थाने में पीटपीट कर मारा डाला गया जिसके बाद मृतका के परिजनों ने थाने पहुंचकर हंगामा कर दिया था। एडीजी केपी व्यंकटेश्वर राव सहित पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह सिविल लाईन पहुंचे और परिजनों को शांत करवाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर ज्यूडिशियल जांच कराने का आश्वासन दिया था। घटना के दो माह बीत जाने के बाद अब महिला की हत्या के राज का पर्दाफाश हो गया है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि राजकली केवट जिनके यहां खाना बनाने का काम करती थी पहले उन्होंने चोरी के शक में उसके साथ घर में जमकर मारपीर की फिर थाने लाकर पुलिस कर्मियो ने मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई।

जानिए क्या था मामला

दरअसल, रीवा के सिविल लाइंस थाना में 29 अक्टूबर की रात ढेकहा निवासी यशबर्धन सिंह के घर में चोरी की घटना हुई थी। ऑलमारी में रखा करीब 12 लाख रुपये का जेवरात चोरी हो गए थे। उक्त चोरी का संदेह यशबर्धन सिंह ने घर में काम करने वाली महिला राजकली केवट के ऊपर लगाया। साथ ही सिविल लाइन थाना में महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया और पूछताछ की। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई। 31 अक्टूबर को महिला की हालत बिगड़ी जिसे अस्पताल ले जाया गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया था और पुलिस के साथ ही मकान मालिक पर भी मारपीट का आरोप लगाया था।

महिला की मौत के बाद हुई थी पुलिस की किरकिरी

इस मामले में पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी। मामले में ज्यूडिशियल जांच बैठाई गई थी जांच के बाद पांच लोग दोषी पाए गए इसमें तीन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज के गई है। एफआईआर में थाने के ही एएसआई कौशलेंद्र पांडे, हेड कॉन्स्टेबल विवेक सिंह गहरवार समेत महिला कॉन्स्टेबल खुशबू सिंह का नाम भी शामिल है। साथ ही पूरे मामले में मृतक महिला के मकान मालिक यशवर्धन सिंह और उनकी पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फरार बताए जा रहे है। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी हुई है।

(रिपोर्ट- अशोक मिश्र)

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