गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल।
अहमदाबाद: गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार ने सूबे के सरकारी कर्मचारियों को होली से पहले 2 बड़े ‘गिफ्ट’ दिए हैं। सरकार ने होली और लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 4 फीसदी बढ़ोतरी का गुरुवार को ऐलान किया है। राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव में बताया कि इस बढ़ोतरी के साथ गुजरात सरकार के कर्मचारियों का DA 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत हो जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, बढ़ा हुआ DA एक जुलाई 2023 से प्रभावी है और सभी कर्मचारियों को पिछले 8 महीनों का बकाया दिया जाएगा।
सरकार ने NPS में अपना योगदान 10 से बढ़ाकर 14 फीसदी किया
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, DA में बढ़ोतरी के फैसले से राज्य सरकार के लगभग 4.45 लाख कर्मचारियों और 4.63 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। प्रेस रिलीज के मुताबिक, सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में अपना योगदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का भी फैसला किया है जबकि राज्य कर्मचारियों को 10 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। गुजरात सरकार के कर्मचारी एनपीएस के बजाय पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। ओपीएस के तहत, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को उनके अंतिम प्राप्त वेतन का 50 प्रतिशत और DA पेंशन के रूप में मिलता था।
गुजरात विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित किया
गुजरात से आई एक अन्य बड़ी खबर में सूबे की विधानसभा ने गुरुवार को एक संशोधन विधेयक को आम सहमति से मंजूरी दे दी जिसमें किसी मकान के खरीदार से सहकारी आवास समितियों द्वारा वसूली गई ट्रांसफर फीस के निर्धारण के लिए राज्य सरकार को नियम निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। BJP की सरकार ने इस विधेयक के माध्यम से गुजरात सहकारी समिति अधिनियम, 1961 में एक प्रावधान जोड़ा है जिसके अनुसार, ‘कोई सहकारी आवास सोसायटी या सहकारी आवास सेवा सोसायटी निर्धारित ट्रांसफर फीस से ज्यादा ट्रांसफर फीस नहीं लेगी।’