नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे आरसीपी सिंह ने लॉन्च की नई पार्टी, जानिए क्या है नाम


आरसीपी सिंह- India TV Hindi

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आरसीपी सिंह

पटना: कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जानेवाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने आज नई पार्टी लॉन्च की है। इस पार्टी का नाम है “आप सबकी आवाज”। पटना के चाणक्य होटल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने नई पार्टी लॉन्च करने का ऐलान किया।

नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी से थे असहज!

दरअसल, एनडीए में नीतीश कुमार की वापसी के बाद आरसीपी सिंह कई महीनों से राजनीति में सक्रिय नहीं थे। ऐसा माना जा रहा था कि नीतीश की एनडीए में वापसी के बाद वे सहज महसूस नहीं कर रहे थे। कुछ दिन पहले पटना की सड़कों पर ‘टाइगर अभी जिंदा है’ वाला पोस्टर समर्थकों की तरफ से लगाया गया था। इस पोस्टर के बाद ही इस बात की चर्चा होने लगी थी कि आरसीपी सिंह फिर से राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं। 

नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे

बता दें कि आरसीपी सिंह यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनका काफी पुराना सम्बन्ध रहा है। नीतीश कुमार जब रेल मंत्री थे तब से वे उनके साथ काम कर रहे थे। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के सचिव के तौर पर काम करते रहे। बाद में नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा। आरसीपी मोदी सरकार में केंद्र में मंत्री भी बने, लेकिन बाद में नीतीश कुमार और ललन सिंह से संबंध खराब होने के बाद दूरी बढ़ती गयी। इसके बाद आरसीपी सिंह ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया। लेकिन नीतीश कुमार के फिर से NDA में आने के बाद से आरसीपी सिंह बीजेपी में भी अलग थलग पड़ गए। आख़िरकार उन्होंने अपनी नयी पार्टी बनाने की तैयारी शुरू कर दी और आज नई पार्टी का ऐलान कर दिया।

“आप सबकी आवाज़” यानि शार्ट में “‘आशा”

आरसीपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “आप सबकी आवाज़” यानि शार्ट में “‘आशा” मेरी पार्टी का नाम हुआ। उन्होंने कहा कि दीपावली में दिया उम्मीद का प्रतीक होता है। आरसीपी सिंह ने बताया कि उनकी पार्टी का झंडा तीन रंगों का आयताकार होगा। झंडे का कलर- हरा, नीला और पीला रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से  140 सीट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयारी हम लोग कर रहे हैं। आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार में 2016 से शराब बंदी हुई है फिर भी आज कल पूरे बिहार में लोग अलग-अलग तरह से नशा कर रहे हैं। शराब बंदी से सरकार का हजारों करोड़ का नुकसान होता है।

 





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