संभल में 46 साल बाद खुले मंदिर के कुएं से निकलीं मां पार्वती और गणेश की मूर्तियां, 20 फीट की खुदाई पूरी; VIDEO


ganesha statue- India TV Hindi

Image Source : INDIA TV
कुएं से गणेश जी की मूर्ति निकाली गई

यूपी के संभल में हिंसा के बाद प्रशासन के अतिक्रमण और बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रोज सनातन के नए-नए सबूत मिलते जा रहे हैं। संभल के मंदिर के पास मिले कुएं की खुदाई आज तीसरे दिन भी जारी है। कुएं से आज हिंदू देवी-देवाताओं की तीन मूर्तियां मिली हैं। इनमें से एक गणेश जी की मूर्ति हैं और स्थानीय लोग एक मूर्ति को माता पार्वती की मूर्ति होने का दावा कर रहे हैं जो कि खंडित है।

संभल में करीब 15 से 20 फीट कुआं खोदा जा चुका है। आगे खुदाई करने पर सनातन के और सबूत मिल सकते हैं। खुदाई के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने जब कुएं से मूर्ति निकलते देखा तो वो हैरान रह गए।

शिव मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचे थे भक्त

बता दें कि संभल के नखासा थाना इलाके के मोहल्ला ख़ग्गू सराय में स्थित शिव मंदिर के कपाट खुलने के बाद खुद पुलिसकर्मियों ने मूर्तियों की सफाई की थी। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा आसमान गूंज उठा था। 46 साल बाद खुले मंदिर में पूजा शुरू कर दी गई है। आज भी बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक करने पहुंचे थे। बता दें कि ये शिव मंदिर सपा सांसद ज़ियाउर्रहमान बर्क के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इस शिव मंदिर पर प्राचीन महादेव मंदिर लिख दिया गया है और मंदिर परिसर में मिले कुएं की खुदाई भी की जा रही है। 

पूरा मामला क्या है?

हाल ही में संभल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिव मंदिर के दरवाजे खुलवाए, जो कि 46 साल बाद हो पाया है। यह मंदिर उसी इलाके में है, जहां हिंसा हुई थी और लंबे समय से बंद था। मंदिर के दरवाजे खुलने के बाद पुलिसकर्मियों ने खुदही शिवलिंग और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां साफ कीं। नगर हिन्दू सभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी का दावा है कि 1978 के बाद मंदिर को दोबारा खोला गया है। 

संभल में क्यों हुई थी हिंसा?

संभल में हिंदू पक्ष ने अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि शाही मस्जिद जिस जगह पर बनी है, वह जमीन मंदिर की है। इस आधार पर अदालत ने मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया। जब दूसरे दिन सर्वे करने वाली टीम पहुंची तो उग्र भीड़ ने उनका विरोध किया। इस दौरान हुई हिंसा में कई लोग मारे गए।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *