ईरान की वायु सेना में शामिल हुआ सुखोई Su-35 फाइटर प्लेन, देखें तस्वीरें; जानें खासियत


  • ईरानी वायु सेना लंबे समय से लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रही है। ईरान की वायु सेना के पास बेहद कम स्ट्राइक विमान हैं, जिनमें रूसी जेट के साथ-साथ 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले खरीदे गए पुराने अमेरिकी मॉडल शामिल हैं।

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    ईरानी वायु सेना लंबे समय से लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रही है। ईरान की वायु सेना के पास बेहद कम स्ट्राइक विमान हैं, जिनमें रूसी जेट के साथ-साथ 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले खरीदे गए पुराने अमेरिकी मॉडल शामिल हैं।

  • ईरान ने अब रूस ने नए सुखोई Su-35 फाइटर प्लेन खरीदे हैं। इन लड़ाकू विमानों के मिलने से ईरान की एयर पावर बढ़ने वाली है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी ने रूस से फाइटर जेट खरीदे जाने की पुष्टि की है। Su-35 की अधिकतम रफ्तार 2400 किमी प्रति घंटा है और रेंज 3600 किमी तक है।

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    ईरान ने अब रूस ने नए सुखोई Su-35 फाइटर प्लेन खरीदे हैं। इन लड़ाकू विमानों के मिलने से ईरान की एयर पावर बढ़ने वाली है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी ने रूस से फाइटर जेट खरीदे जाने की पुष्टि की है। Su-35 की अधिकतम रफ्तार 2400 किमी प्रति घंटा है और रेंज 3600 किमी तक है।

  • सुखोई Su-35 आधुनिक और शक्तिशाली मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जो रूस द्वारा निर्मित किया गया है। यह विमान सुखोई Su-27 परिवार का हिस्सा है। Su-35 को विशेष रूप से उच्च-गति, लंबी दूरी की लड़ाई और अत्यधिक गतिशीलता के लिए डिजाइन किया गया है। इसे

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    सुखोई Su-35 आधुनिक और शक्तिशाली मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जो रूस द्वारा निर्मित किया गया है। यह विमान सुखोई Su-27 परिवार का हिस्सा है। Su-35 को विशेष रूप से उच्च-गति, लंबी दूरी की लड़ाई और अत्यधिक गतिशीलता के लिए डिजाइन किया गया है। इसे “Flanker-E” के नाम से भी जाना जाता है।

  • Su-35 विमान में दो AL-41F1S इंजन लगे होते हैं जो उच्च गति और बेहतर थ्रस्ट प्रदान करते हैं। इन इंजनों की खासियत यह है कि इनमें थ्रस्ट वेक्टरिंग का फीचर होता है, जिससे विमान की गतिशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है। इसका मतलब यह है कि विमान हवा में आसानी से दिशा बदल सकता है, जिससे इसे हवा में लड़ाई के दौरान लाभ मिलता है।

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    Su-35 विमान में दो AL-41F1S इंजन लगे होते हैं जो उच्च गति और बेहतर थ्रस्ट प्रदान करते हैं। इन इंजनों की खासियत यह है कि इनमें थ्रस्ट वेक्टरिंग का फीचर होता है, जिससे विमान की गतिशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है। इसका मतलब यह है कि विमान हवा में आसानी से दिशा बदल सकता है, जिससे इसे हवा में लड़ाई के दौरान लाभ मिलता है।

  • Su-35 में अत्यधिक उन्नत एवियोनिक्स (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम) और रडार सिस्टम से लैस है, जैसे कि Irbis-E रडार, जो 400 किलोमीटर तक की दूरी पर हवाई लक्ष्यों का पता लगा सकता है। यह रडार एक ही समय में कई लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है।

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    Su-35 में अत्यधिक उन्नत एवियोनिक्स (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम) और रडार सिस्टम से लैस है, जैसे कि Irbis-E रडार, जो 400 किलोमीटर तक की दूरी पर हवाई लक्ष्यों का पता लगा सकता है। यह रडार एक ही समय में कई लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है।

  • Su-35 में एक अत्याधुनिक सूचना प्रणाली है जो पायलट को लड़ाई के दौरान वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करती है। इस प्रणाली की मदद से पायलट को युद्ध क्षेत्र की स्थिति का अवलोकन आसानी से होता है, जिससे निर्णय लेने में मदद मिलती है।

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    Su-35 में एक अत्याधुनिक सूचना प्रणाली है जो पायलट को लड़ाई के दौरान वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करती है। इस प्रणाली की मदद से पायलट को युद्ध क्षेत्र की स्थिति का अवलोकन आसानी से होता है, जिससे निर्णय लेने में मदद मिलती है।

  • Su-35 में विभिन्न प्रकार के उन्नत हथियारों को ले जाने की क्षमता है, जिसमें हवा से हवा, हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। यह विमान 12 विभिन्न प्रकार के पेलोड ले सकता है। इसके अलावा, Su-35 में कई प्रकार के शस्त्र भी लगे होते हैं।

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    Su-35 में विभिन्न प्रकार के उन्नत हथियारों को ले जाने की क्षमता है, जिसमें हवा से हवा, हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। यह विमान 12 विभिन्न प्रकार के पेलोड ले सकता है। इसके अलावा, Su-35 में कई प्रकार के शस्त्र भी लगे होते हैं।





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