Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा के इन मंत्रों का करें जाप, जीवन की समस्याओं से मिलेगा छुटकारा


चैत्र नवरात्रि 2025
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चैत्र नवरात्रि 2025

Chaitra Navratri 2025 4th Day:  आज चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और मंगलवार का दिन है। चतुर्थी तिथि आज देर रात 2 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। आज चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है। आज देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की उपासना की जाएगी। कूष्मांडा, यानि कुम्हड़ा। कूष्मांडा एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ हैकुम्हड़ा, यानि कि कद्दू, यानि किपेठा, जिसका हम घर में सब्जी के रूप में इस्तेमाल करते हैं। मां कूष्मांडा को कुम्हड़े की बलि बहुत ही प्रिय है, इसलिए मां दुर्गा का नाम कूष्मांडा पड़ा।

इसके साथ ही देवी मां की आठ भुजायें होने के कारण इन्हें अष्टभुजा वाली भी कहा जाता है। इनके सात हाथों में कमण्डल, धनुष, बाण, कमल, अमृत से भरा कलश, चक्र और गदा नजर आता है, जबकि आठवें हाथ में जप की माला रहती है। माता का वाहन सिंह है और इनका निवास स्थान सूर्यमंडल के भीतर माना जाता है, तो आज मां कूष्मांडा की उपासना करना आपके लिए बड़ा ही फलदायी होगा। आज आपको देवी मां के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्त पद्माभ्यां कूष्मांडा शुभदास्तु मे॥

आज मां कूष्मांडा के इस मंत्र का जप करने से आपके परिवार में खुशहाली आएगी और आपके यश और बल में बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा आपकी आयु में वृद्धि होगी और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहेगा। आज माता के उन मंत्रों का जिसका जप करके जीवन में चल रही विभिन्न समस्याओं से छुटकारा पा सकते है।

अपने जीवन में चल रही परेशानियों से जल्द छुटकारा पाने के लिए देवी मां के इस मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्। जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

अपनी बौद्धिक क्षमता में बढ़ोतरी के लिए और परीक्षा में अच्छे रिजल्ट के लिए देवी मां के विद्या प्राप्ति मंत्र का 5 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ‘या देवी सर्वभूतेषु बिद्धि-रूपेण संस्थिता।


नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः’॥

अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए आज देवी मां को मालपुओं का भोग लगाएं और उनके इस मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र है- जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्। चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥

अपने घर की सुख-शांति और समृद्धि बढ़ाने के लिए आज देवी के शांति मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

साथ ही आज गुलाब के फूल में कपूर रखकर माता कुष्मांडा के सामने रखे। फिर माता लक्ष्मी के मंत्र का 6 माला जप करें। मंत्र इस प्रकार है- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: शाम के समय फूल में से कपूर लेकर जला दें  और फूल देवी को चढ़ा दें।

इसके अलावा आज नवरात्र चतुर्थी की शाम में बेल के पेड़ की जड़ पर मिट्टी, इत्र, पत्थर और दही चढ़ाएं और अगले दिन सुबह फिर से मिट्टी, इत्र, पत्थर और दही चढ़ा कर, बेल के पेड़ के उत्तर पूर्व दिशा की एक छोटी टहनी तोड़कर घर ले आएं इस टहनी पर रोज 108 बार लक्ष्मी मंत्र पढ़िये और टहनी को नवमी के दिन तिजोरी में रखें। मंत्र इस प्रकार है- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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