
झारखंड रेल हादसा।
झारखंड के साहेबगंज जिले में मंगलवार को भीषण रेल हादसा देखने को मिला था। यहां सुबह तड़के दो मालगाड़ियों की भीषण टक्कर हो गई थी जिसमें दो लोको पायलटों की मौत हो गई थी। दरअसल, एक खाली मालगाड़ी को कोयले से लदी मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। इस कारण मालगाड़ी के इंजन में आग लग गई। अब इस हादसे से जुड़ी एक दर्दनाक बात सामने आई है। दरअसल, साहेबगंज रेल हादसे में जिन लोको पायलटों की मौत हुई उनमें से एक सोमवार को रिटायर होने वाले थे।
रिटायरमेंट के दिन थी भोज की प्लानिंग
झारखंड के साहेबगंज में दो मालगाड़ियों के बीच टक्कर में लोको पायलट गंगेश्वर मल की मौत हो गई। वह एक अप्रैल को ही नौकरी से रिटायर होने वाले थे और सेवा में रहने के दौरान उनकी अंतिम यात्रा थी। जानकारी के मुताबिक, लोको पायलट के पूरे परिवार ने रिटायरमेंट के दिन साथ में रात्रि भोज करने की प्लानिंग की थी। हालांकि, अब उनके पास केवल यादें और आंसू हैं।
मृतक लोको पायलट गंगेश्वर मल का परिवार पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में जियागंज में रहता है। परिवार के मुताबिक, लोको पायलट ने काम से लौटने के बाद रात का खाना साथ में खाने का वादा किया था। लोको पायलट की बेटी ने बताया- “एक अप्रैल उनके पिता का आखिरी कार्य दिवस था। उन्होंने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के साथ अच्छा समय बिताने की योजना बनाई थी। ‘हमने सुना कि बाबा (पिता) वापसी में सिग्नल प्वाइंट पर इंतजार कर रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य मालगाड़ी के इंजन ने उनके इंजन को सामने से टक्कर मार दी।’’
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को तड़के तीन बजे के करीब एनटीपीसी द्वारा संचालित दो मालगाड़ियां साहिबगंज के बरहेट थाना क्षेत्र के भोगनाडीह के पास टकरा गईं। ये मालगाड़ियां फरक्का में थर्मल पावर प्लांट में कोयला ले जा रही थीं। आमने-सामने की टक्कर में दोनों मालगाड़ियों के चालकों की मौत हो गई। पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता कौशिक मित्रा ने बताया- “यह घटना एनटीपीसी के बुनियादी ढांचे से जुड़ी है। मालगाड़ियां और पटरियां एनटीपीसी की हैं। इसका भारतीय रेलवे से कोई लेना-देना नहीं है।”