“50 बम पंजाब पहुंचे, 18 फट चुके हैं”, अपने बयान को लेकर फंसे प्रताप सिंह बाजवा, इन धाराओं में दर्ज हुई FIR


प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ मामला दर्ज
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प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ मामला दर्ज

कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के राज्य में 50 बम पहुंचने से संबंधी बयान को लेकर उनसे पूछताछ की गई। इसके कुछ घंटे बाद पुलिस ने रविवार को बाजवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। बाजवा पर देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाली भ्रामक सूचना देने सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाजवा के खिलाफ BNS की धारा 197 (1) (d) और 353 (2) के तहत मोहाली के साइबर क्राइम पुलिस थाने में केस रजिस्टर्ड हुआ है। बीएनएस की धारा 197 (1) (d) भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली झूठी और भ्रामक सूचना का प्रचार करने के आरोप को लेकर है और 353 (2) विभिन्न समुदायों में द्वेष फैलाने के इरादे से फैलाई गई गलत सूचना को लेकर है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में एक निजी टेलीविजन चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस नेता बाजवा ने दावा किया था कि उन्हें जानकारी मिली है कि “50 बम पंजाब पहुंचे हैं। इनमें से 18 फट चुके हैं और 32 अभी फटने बाकी हैं।” उनके इस बयान के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे गंभीरता से लेते हुए बाजवा से इस बयान का स्रोत बताने को कहा।

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि क्या बाजवा के पाकिस्तान के साथ सीधे संबंध हैं? साथ ही चेतावनी दी कि अगर यह बयान सिर्फ दहशत फैलाने के उद्देश्य से दिया गया है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि न तो राज्य पुलिस की खुफिया शाखा और न ही किसी केंद्रीय एजेंसी ने ऐसी कोई जानकारी शेयर की है।

इन धाराओं में FIR दर्ज

  • साइबर अपराध थाना में BNS की धारा 197(1)(d) और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
  • धारा 197(1)(d): देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली झूठी और भ्रामक सूचना फैलाने से संबंधित है।
  • धारा 353(2): समाज में शत्रुता, घृणा या दुर्भावना फैलाने के इरादे से दी गई भ्रामक जानकारी से जुड़ी है।

पुलिस पूछताछ और जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एआईजी रवजोत कौर ग्रेवाल के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की एक टीम रविवार को बाजवा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंची। टीम में मोहाली के एसपी हरबीर अटवाल भी शामिल थे। एआईजी ग्रेवाल ने बताया, “हम नेता प्रतिपक्ष से इस बयान की सत्यता और उसके स्रोत की जानकारी लेने आए थे क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। लेकिन अब तक उन्होंने कोई उपयोगी जानकारी साझा नहीं की है।”

बाजवा ने पुलिस टीम से सहयोग करने की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने अपने सूत्रों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा।

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