एजाज खान के शो पर एक्शन, विवादों के बीच Ullu App से हटाए गए ‘हाउस अरेस्ट’ के सारे एपिसोड


Ajaz khan
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एजाज खान।

एजाज खान का विवादों से पुराना नाता रहा है। अब तक कई विवादों में घिर चुके एजाज खान अब एक नई कॉन्ट्रोवर्सी को जन्म दे चुके हैं। अब उनके कॉन्ट्रोवर्शियल शो ‘हाउस अरेस्ट’ को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। विवाद शो के अश्लील कंटेंट को लेकर है, जिसे लेकर तब विवाद खड़ा हुआ जब इसके वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। वीडियो में फीमेल कंटेस्टेंट्स अपने कपड़े उतारती नजर आईं और वहीं एक वीडियो में एजाज कंटेस्टेंट्स को इंटीमेट पोज देने को कहते हैं। ये क्लिप जैसे ही वायरल हुईं, शो पर बैन की मांग होने लगी। बजरंग दल ने भी शो के कंटेंट को लेकर आपत्ति जाहिर की और शिकायत दर्ज कराई। अब उल्लू एप द्वारा बजरंग दल की शिकायत पर बड़ा फैसला लिया गया है।

उल्लू एप से हटाए गए हाउस अरेस्ट के एपिसोड

उल्लू एप के ‘हाउस अरेस्ट’ नाम के शो पर बजरंग दल सहित कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति जाहिर की। ऐसे में शो को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में बजरंग दल ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी और अब विवाद गरमाता देख उल्लू ऐप ने हाउस अरेस्ट के सभी शो ऑफ एयर कर दिए हैं और बजरंग दल से औपचारिक तौर पर पत्र लिख माफी भी मांगी है।

NCW ने भी भेजा था समन

दूसरी तरफ, नेशनल कमीशन फॉर वुमन (NCW) ने भी इस शो को लेकर आपत्ति जाहिर की और उल्लू ऐप के सीईओ विभु अग्रवाल और होस्ट एजाज खान को समन भेजा। दोनों को 9 मई तक एनसीडब्लू के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। ऐप पर अश्लीलता फैलाने का आरोप है। समन के अनुसार, 29 अप्रैल 2025 को शो का एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसमें एजाज खान फीमेल कंटेस्टेंट्स से कैमरे के सामने कपड़े उतारकर इंटीमेट पोज देने को कहते हैं। आयोग के मुताबिक, ये ना सिर्फ महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि एंटरटेनमेंट के नाम पर यौन उत्पीड़न के मामलों को बढ़ावा देता है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी उठाया था मामला

बता दें, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बीते साल मार्च में उल्लू एप पर कार्रवाई की मांग की थी। आयोग द्वारा आईटी मंत्रालय को लिखी चिट्ठी में कहा गया था कि इस एप के कंटेंट का स्कूली बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को टारगेट करते हुए उल्लू एप अश्लील कंटेंट वाले शो बना रहा है, जिसकी शिकायतें मिलीं है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपनी चिट्ठी में कहा गया कि गूगल प्ले स्टोर और iOS कोई KYC पॉलिसी या एज वेरिफिकेशन के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। उल्लू एप के कंटेंट ने पॉक्सो कानून का उल्लंघन किया है, जिसका आयोग ने संज्ञान लिया है। उल्लू डिजिटल ने BSE SME प्लेटफार्म पर आईपीओ की अर्जी भी दी थी। फिलहाल इस मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और अभी भी इस एप के जरिए अश्लीलता का कारोबार किया जा रहा है। अब इस मामले पर एनसीडब्ल्यू ने भी कार्रवाई की है और उल्लू एप के सीईओ और एजाज खान को नोटिस जारी किया है।





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