
इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री।
इस्लामाबादः पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने अब एक नया और भारी संकट आ गया है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) प्रमुख इमरान खान ने देशभर में एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन का आह्वान किया है, जिससे पाकिस्तान की सेना और सरकार के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। पहले से ही भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दबाव में आई पाकिस्तानी सेना को अब अपने ही देश के भीतर एक गंभीर राजनीतिक संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है।
इमरान खान की हुंकार: ‘झुकूंगा नहीं, लड़ूंगा’
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इस ऐलान से सेना और सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। इससे पाकिस्तान में अब गृहयुद्ध की आशंका जन्म लेने लगी है। बता दें कि इमरान खान अगस्त 2023 से ही जेल में बंद हैं। मगर अब उन्होंने बड़ी हुंकार भरी है। इमरान खान को अब लगने लगा है कि मुनीर और शहबाज के रहते उनके साथ न्याय हो पाना मुश्किल है। ऐसे में इमरान ने जेल से ही अपनी पार्टी को तैयार रहने का संदेश दिया है। उनकी बहन अलीमा खान ने कहा कि यह आंदोलन इस्लामाबाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पाकिस्तान में फैलाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इमरान खान किसी भी कीमत पर सरकार या सेना के सामने समर्पण नहीं करेंगे। इमरान ने खुद यह संदेश जारी किया है, “चाहे यातना कितनी भी हो, मैं अधीनता स्वीकार नहीं करूंगा।”
क्या है PTI की योजना
PTI नेता सीनेटर अली जफर ने पुष्टि की है कि पार्टी एक संगठित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है। नवंबर 2024 में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद यह दूसरा बड़ा आंदोलन होगा। पिछली बार इस्लामाबाद में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों से टकराव हुआ और पार्टी को पीछे हटना पड़ा था। मगर इस बार पार्टी ने किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने का फैसला किया है।
इमरान की गिरफ़्तारी और केसों का सिलसिला
- अप्रैल 2022: अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए सत्ता से हटाए गए।
- अगस्त 2023: तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी और तीन साल की सज़ा।
- जनवरी 2024: राज्य रहस्यों के लीक के मामले में 10 साल की सज़ा (जो जून में पलटी गई)।
- अन्य मामलों में अब भी जेल में बंद हैं, जिनमें एक शादी से जुड़ा मामला शामिल है, जिसमें उन्हें 7 साल की सज़ा मिली।
राजनीतिक परिदृश्य और चुनावी परिणाम
फरवरी 2024 के आम चुनावों में PTI समर्थित उम्मीदवारों ने सर्वाधिक करीब 100 सीटें जीतीं, लेकिन गठबंधन सरकार बनने के कारण वे सत्ता से बाहर रह गए। इस स्थिति ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा असंतोष पैदा किया है। पीटीआई ने इस दौरान सरकार और सेना पर धांधली का भी आरोप लगाया था।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर और पाक सेना की चुनौती
इमरान खान की इस नई चुनौती का सामना करने से पहले शहबाज शरीफ की सरकार और सेनाध्यक्ष असीम मुनीर को भारत के ऑपरेशन सिंदूर का सामना करना पड़ा। इसमें भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। भारत के इस हमले में यूसुफ अजहर और अब्दुल रऊफ अजहर जैसे बड़े आतंकी भी ढेर हो गए। मसूद अजहर का पूरा परिवार ही भारत के इस घातक हमले में मारा गया। जवाब में पाकिस्तान ने जब भारत पर हमले का दुस्साहस किया तो भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अहम नूरखान एयरबेस समेत उसके 11 हवाई ठिकानों को तहस-नहस कर डाला। इससे पाकिस्तानी सेना और सरकार की उसके देश में ही थू-थू हो रही है और मुनीर व शहबाज झूठी शान के लिए जीत का जश्न मना रहे हैं। अब उनके सामने इमरान खान ने नया संकट पैदा कर दिया। (इनपुट-एजेंसी)
