
कैबिनेट मीटिंग
शिमला। हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्लास्टिक कचरे पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा और अनोखा फैसला लिया गया है। अब राज्य के कुछ चुनिंदा पार्कों में यदि कोई व्यक्ति प्लास्टिक की बोतल या चिप्स जैसे पैकेट लेकर जाएगा, तो उसे शुल्क देना होगा। यह राशि तभी वापस मिलेगी जब वह उपयोग किए गए प्लास्टिक को पार्क में लगाए गए डस्टबिन में ही फेंकेगा। इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा और बाद में सफल होने पर अन्य जगहों पर भी लागू किया जा सकता है।
चार्ज कितना देना पड़ेगा अभी तय नहीं
कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि चार्ज कितना लगेगा अभी यह तय नहीं किया गया है। कुछ विशेष इलाकों में कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो भी चार्ज लगेगा वह रिफंडेबल होगा। यानी पार्क से बाहर निकलने पर डस्टबिन में फेंकने पर पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
निजी अस्पतालों में तैनात किए जाएंगे होमगार्ड
कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि बैठक में लिए गए अन्य अहम फैसलों में होमगार्ड के 700 पद भरने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब सरकारी अस्पतालों में निजी सुरक्षा एजेंसियों की जगह होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे, जिससे न केवल बेहतर सुरक्षा मिलेगी बल्कि युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
जिला परिषद कार्डर के 200 पंचायत सचिवों को किया जाएगा नियमित
कैबिनेट ने दो साल का अनुबंध पूरा कर चुके जिला परिषद कार्डर के 200 पंचायत सचिवों को नियमित करने की भी मंजूरी दी है। पहले इनका वेतन 12 हजार रुपये मासिक था, जिसे बढ़ाकर अब 32 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) का कार्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए नए सिरे से आरक्षण रोस्टर तैयार करने का निर्णय भी लिया गया है।
पीजी/एसएस नीति में संशोधन को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला और डॉ राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में सीनियर रेजीडेंसी के लिए पात्रता से पहले एक साल की फील्ड पोस्टिंग की अनिवार्य आवश्यकता को वापस लेते हुए स्नातकोत्तर/विशेषज्ञ सेवा (पीजी/एसएस) नीति में संशोधन को मंजूरी दी। यह निर्णय एम्स, चमियाना में अपनाई गई नीति के अनुरूप लिया गया है।
रिपोर्ट- रेशमा कश्यप, शिमला