
जर्मनी में भारतीय सांसदों का डेलीगेशन।
वॉशिंगटन/बर्लिन: पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तान की पोल खोलने और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने जर्मनी पहुंचे भारतीय सांसदों के डेलीगेशन ने पाक के आतंकी करतूतों की पोल खोल दी है। जर्मनी ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसके साथ मजबूती से खड़ा है। जर्मनी के संघीय विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने यह बात भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।
जर्मनी गए भारतीय डेलीगेशन को जर्मनी ने दिया आश्वासन
जर्मनी ने भारतीय डेलीगेशन को आतंक के खिलाफ जंग में खुलकर भारत का साथ देने का ऐलान किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान द्वारा परमाणु दबाव बनाने की रणनीति के प्रति भारत की अस्वीकार्यता और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की कड़ी प्रतिक्रिया को रेखांकित किया। इस डेलीगेशन का नेतृत्व भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद कर रहे हैं, जिन्होंने शुक्रवार शाम जर्मनी के विदेश मंत्री वाडेफुल से मुलाकात की।
भारतीय दूतावास ने लिखा ये पोस्ट
भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, “विदेश मंत्री वाडेफुल ने हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपनी बैठक को आगे बढ़ाते हुए पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को जर्मनी का मजबूत समर्थन और एकजुटता दोहराई।” दोनों पक्षों ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
रविशंकर प्रसाद ने खोली पाक की पोल
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “हमने आतंकवाद से लोकतंत्र, मानवता और मानवाधिकारों को होने वाले गंभीर खतरे को उजागर किया और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की।” उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों को एकजुट होकर आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करना चाहिए।
लाशेट ने कहा, “पहलगाम हमले से हूं स्तब्ध”
बुंडेस्टाग के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष आर्मिन लाशेट ने कहा, “भारत और जर्मनी वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे पर एक विश्वसनीय साझेदारी साझा करते हैं। मैं पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले से स्तब्ध हूं। जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है।”
वैश्विक कूटनीतिक में पाक को पटखनी
यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुदलीय टीमों में से एक है जिन्हें भारत सरकार ने 33 वैश्विक राजधानियों में भेजा है, ताकि दुनिया को पाकिस्तान के आतंकवाद से संबंधों के बारे में स्पष्ट संदेश दिया जा सके। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद, भारत ने 7 मई को सटीक हमले किए और चार दिनों की सीमा-पार झड़पों के बाद 10 मई को दोनों देशों के सैन्य संचालन निदेशकों (DGMO) के बीच वार्ता में सेना कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। (PTI)