डिफेंस सेक्टर में अनिल अंबानी मचाएंगे तहलका, सालाना बनाएंगे 200,000 तोप के गोले, इस जर्मन कंपनी से मिलाया हाथ


round shot

Photo:FILE तोप के गोले

‘अनिल अंबानी इज बैक’ कहना अब गलत नहीं होगा। एक के बाद एक अच्छी न्यूज अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के आ रहे हैं। अब अनिल अंबानी की रक्षा कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड ने जर्मन हथियार निर्माता कंपनी डीहल डिफेंस के साथ हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप के तहत अनिल अंबानी भारतीय सेनाओं के लिए तोप के गोले, विस्फोटक और प्रोपेलेंट बनाएंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस साझेदारी से भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने वाली अत्याधुनिक ‘वल्केनो 155 मिमी सटीक निर्देशित गोला-बारुद’ प्रणाली के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। बयान के मुताबिक, 155 मिलीमीटर तोप के अंतिम चरण में निर्देशित होने वाले गोले अनुमानित प्रभाव क्षेत्र तक पहुंचने के 10 सेकंड पहले ही लक्ष्य पर हमला कर सकते हैं। इसमें लगी प्रणाली की वजह से दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण भी इसे आसानी से निष्क्रिय नहीं कर सकते हैं। यह रिलायंस समूह की चौथी रणनीतिक वैश्विक साझेदारी है। इसके पहले वह दसॉ एविएशन, थेल्स ग्रुप और रीनमेटल के साथ भी गठजोड़ कर चुका है। 

लेजर और जीपीएस का इस्तेमाल होगा

बयान में कहा गया है कि उन्नत गोला-बारूद प्रणाली में लक्ष्य पर निशाना साधने के लिए अत्याधुनिक लेजर और जीपीएस-निर्देशित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल होगा जिससे इसकी सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ेगी। रिलायंस डिफेंस ने कहा कि उसके पास उन्नत गोला-बारूद प्रणालियों के विकास और आपूर्ति के जरिये संभावित रूप से 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा करने का बाजार अवसर है। 


दोनों समूहों की तरफ से अलग से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि रिलायंस समूह के संस्थापक अनिल अंबानी और डीहल डिफेंस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हेल्मुट राउख ने निर्देशित गोला-बारुद पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों कंपनियों के बीच 2019 में निर्देशित गोला-बारुद प्रणाली को लेकर सहयोग की रणनीतिक साझेदारी हुई थी।

रत्नागिरी में फैक्ट्री खोलेंगे अनिल अंबानी 

अंबानी ने इस अवसर पर कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी न केवल भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं की उन्नति को गति देता है, बल्कि रिलायंस डिफेंस को वैश्विक रक्षा आपूर्ति शृंखला के एक अहम अंग के रूप में भी स्थापित करता है। इस समझौते के तहत रिलायंस समूह महाराष्ट्र के रत्नागिरी में एक फैक्ट्री स्थापित करने जा रहा है जिसकी वार्षिक क्षमता 200,000 तोप के गोले, 10,000 टन विस्फोटक और 2,000 टन प्रणोदक के उत्पादन की होगी। 

मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा 

दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा, डीहल डिफेंस के लिए रिलायंस डिफेंस के साथ सहयोग भारतीय बाजार और भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। ‘मेक इन इंडिया-2 के तहत सिस्टम वल्केनो 155 मिमी’ पहल चल रही है, जिसमें भारतीय ग्राहक के लिए रिलायंस डिफेंस प्रमुख ठेकेदार है जबकि डीहल डिफेंस उसकी रणनीतिक भागीदार है। डीहल डिफेंस के सीईओ हेल्मुट राउख ने कहा कि डीहल डिफेंस भारतीय सशस्त्र बलों के लिए निर्देशित गोला-बारुद के संदर्भ में रिलायंस के साथ मौजूदा संबंधों को मजबूत करने के लिए तत्पर है।

Latest Business News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *