भारत-चीन सुलझाएंगे विवाद? बॉर्डर पर ना बनें गलवान जैसे हालात, राजनाथ सिंह ने बताया फॉर्मूला


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (L) चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून (R)
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (L) चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून (R)

Rajnath Singh SCO Summit: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन के किंगदाओ में हैं। किंगदाओ में राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून के बीच अहम बैठक हुई है। बैठक के दौरान गलवान जैसे गतिरोध पर भी चर्चा हुई। वार्ता के दौरान राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री के सामने चार सूत्रीय फॉर्मूला रखा जिससे दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हो और भविष्य में गलवान जैसी स्थिति पैदा ना हो। नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सिंह ने डॉन को निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए पहलगाम आतंकवादी हमले और पाकिस्तान में आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी। 

रक्षा मंत्रालय ने क्या बताया?

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सैनिकों की वापसी, तनाव कम करने, सीमा प्रबंधन और अंततः सीमा निर्धारण से संबंधित मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर परामर्श जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री के सामने जो फॉर्मूला रखा है वो इस प्रकार है।

  • डिसइंगेजमेंट: 2024 की डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।
  • तनाव कम करना: सीमा पर तनाव कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
  • सीमांकन एवं परिसीमन: बॉर्डर के सीमांकन और परिसीमन के तय टार्गेट को हासिल करने के लिए सीमा विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया में तेजी की जरूरत है।
  • विशेष प्रतिनिधि स्तर तंत्र: संबंधों को सुधारने और मतभेदों को सुलझाने के लिए नई प्रक्रिया तैयार करने की खातिर मौजूदा विशेष प्रतिनिधि तंत्र का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

जानें क्या है 2024 का डिसइंगेजमेंट प्लान?

भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास ही 2020 में झड़प हुई थी। झड़प के बाद चीन और भारत के बीच पेट्रोलिंग के क्षेत्र को लेकर विवाद शुरू हो गया था। 2024 के डिसइंगेजमेंट प्लान के तहत भारत और चीन तनाव कम करने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर सहमत हुए थे। अक्टूबर 2024 में दोनों देश पेट्रोलिंग के लिए एक व्यवस्था पर सहमत हुए थे। इसी व्यवस्था को 2024 का डिसइंगेजमेंट प्लान कहते हैं। 

‘पड़ोसी देशों के बीच हो अच्छा माहौल’

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री ने “पड़ोसी देशों के बीच अच्छा माहौल बनाने की आवश्यकता और एशिया और विश्व में स्थिरता के लिए सहयोग करने पर भी जोर दिया।” बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने 2020 के सीमा गतिरोध के बाद पैदा हुई विश्वास की कमी को जमीनी स्तर पर कदम उठाकर दूर करने का भी आह्वान किया।’’ मंत्रालय ने कहा कि सिंह ने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने के महत्वपूर्ण अवसर का भी जिक्र किया और पांच साल के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की सराहना की। 

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