
14 लाख रुपए से ज्यादा में बिकी ये भैंस
कच्छ: गुजरात के कच्छ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक गांव में एक भैंस 14.1 लाख रुपये में बिकी है। माना जा रहा है कि गुजरात में इतनी ऊंची कीमत में पहली बार कोई भैंस बेची गई है। इस भैंस के मोटे सींग और आकर्षक रूप लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
कहां का है मामला? रोजाना देती है 27 लीटर दूध
मामला कच्छ के लखपत तालुका के सांद्रो गांव का है। यहां असली बन्नी नस्ल की भैंस 14.1 लाख रुपये में बिकी है। इस भैंस की खासियत ये है कि ये रोजाना 27 लीटर दूध देती है। इसका काला रंग और स्वस्थ शरीर इसे खास बनाता है।
भैंस को किसने खरीदा?
भैंस को भुज के सेरवा गांव के पशुपालक शेरूभाई भालू ने खरीदा है। विक्रेता, गाजीभाई, पीढ़ियों से पशुपालकों का परिवार है और वर्तमान में उनके पास लगभग 80 भैंसें हैं। वे प्रतिदिन लगभग 300 लीटर दूध का उत्पादन करते हैं।
क्या है बन्नी नस्ल की भैंसों की खासियत?
बन्नी नस्ल की भैंसें अपने स्वभाव, दूध उत्पादन और दिखावट के लिए जानी जाती हैं। तरनेतर जैसे मेलों में बन्नी नस्ल की भैंसें हमेशा विजेता होती हैं। आमतौर पर कच्छ में 5 से 7 लाख रुपये के सौदे होते हैं। लेकिन यह बिक्री बन्नी नस्ल की भैंसों के महत्व और मूल्य को उजागर करती है।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं इस नस्ल की भैंसों की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2022 में अंतरराष्ट्रीय डेयरी सम्मेलन में बन्नी भैंस की कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता की प्रशंसा की थी।
ये भी हैं लाभ
जानकारों के अनुमान के मुताबिक, यह नस्ल गुजरात में 5 लाख से अधिक की संख्या में मौजूद है और डेयरी व्यवसाय के लिए लाभकारी है। इन्हें गुजरात के कच्छ में आयोजित होने वाले पशु मेलों या एनिमल ऐप जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीदा-बेचा जा सकता है।
बन्नी भैंस डेयरी उद्योग के लिए उपयुक्त है, क्योंकि इसका दूध उच्च गुणवत्ता वाला होता है। यह नस्ल कम रखरखाव वाली है और सामान्य देखभाल में अच्छा प्रदर्शन करती है। यह कठिन परिस्थितियों में चारे की तलाश में लंबी दूरी तय कर सकती है। बन्नी भैंस अत्यधिक गर्मी और सर्दी दोनों को सहन कर सकती है। यह कच्छ के रेगिस्तानी क्षेत्रों में कम हरे चारे की स्थिति में भी जीवित रहने और उत्पादन देने में सक्षम है। (इनपुट: अली मोहमद चाकी)
