अगर आप सोने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ दिन इंतजार कर लें। सोने और सस्ता होने की उम्मीद है। दरअसल, दुनिया में थर्ड वर्ल्ड वॉर की आशंका खत्म होने के बाद सोने के भाव पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही निवेशक ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व की संभावित दिशा का संकेत पाने के लिए अमेरिका के व्यापक आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि ग्लोबल फ्रंट पर तनाव में कमी आने और शेयर बाजार जैसी जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों में झुकाव से बाजार धारणा सोने जैसी सुरक्षित एसेट क्लास से दूर जा रही है। इसके चलते हाल के दिनों में सोने की कीमत कम हुई है। शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना वायदा भाव 1,563 रुपये या 1.61 प्रतिशत घटकर 95,524 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
93 हजार तक आ सकता है सोने का भाव
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने पिछले सप्ताह कहा था कि ब्याज दरों में कटौती संभव है लेकिन तत्काल नहीं होगी। इससे दुनियाभर में सोने की कीमत दबाव में बनी रहेगी। एलकेपी सिक्योरिटीज में जिंस एवं मुद्रा के शोध विश्लेषक खंड के उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थितियों के कम होने से सोने को लेकर धारणा पर दबाव बना है। इससे निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश से शेयर बाजार जैसी जोखिमपूर्ण निवेशों की ओर हो रहा है। त्रिवेदी के अनुसार, सोना आगामी सप्ताह में एमसीएक्स पर 93,000 से 97,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकता है।
5500 रुपये सस्ता हो चुका है सोना
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में सोना अपने रिकॉर्ड भाव से 5500 रुपये सस्ता हो चुका है। 16 जून को MCX पर सोने का भाव 1,01,078 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। उस भाव से देखें तो सोना करीब 5% टूट चुका है। अब सवाल उठता है कि सोने में यह गिरावट क्यों आ रही है तो इसके पीछे कई वजह है। ईरान-इजराइल युद्ध समाप्त होने से मिडिल ईस्ट में तनाव कम हुआ है। युद्ध खत्म होने से बाजार में स्थिरता लौटी है और सोने-चांदी की कीमतें गिरी हैं। वहीं अगर फेड ब्याज दरों में कटौती करता है और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।