UP सरकार की नई पहल: कांवड़ रूट के ढाबों पर लगेगा ‘फूड सेफ्टी ऐप’ का QR कोड, जानें क्या है इसकी खासियत


कांवड़ रूट के हर ढाबे पर लगाया जा रहा फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का स्टीकर (प्रतीकात्मक फोटो)
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कांवड़ रूट के हर ढाबे पर लगाया जा रहा फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का स्टीकर (प्रतीकात्मक फोटो)

सावन का महीना शुरू होने वाला है या यूं कहें कि बस कुछ समय ही शेष है। हर वर्ष की तरह इस साल भी हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेने बहुत भारी संख्या में शिवभक्त कांवड़िये पहुंचेंगे। कांवड़ रुट पर उनके खाने-पीने में कोई मिलावट ना हो इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप बनवाया है। इस ऐप का क्यूआर कोड कांवड़ रूट के सभी ढाबों पर लगाया जा रहा है। इस ऐप के स्टीकर को फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट द्वारा लगाया जा रहा है। इसमें ढाबे के मालिक का नाम और उसका कॉन्टेक्ट नम्बर भी दिया जा रहा है।

इस सरकारी स्टीकर से जहां ऐप डाउनलोड करके शिकायत की जा सकती है, वहीं ढाबे का मालिक कौन है इसकी पहचान भी कांवड़ियों को हो जाएगी। इस ऐप पर खाने से संबंधित शिकायत की जा सकती है। 

सरकार ने क्यों की ये पहल?

कांवड़ रूट पर कांवड़िये अक्सर खाने में मिलावट की शिकायत करते हैं, जिसके बाद फिर हंगामा होता है। इसी को देखते हुए UP सरकार ने इसबार ये पहल की है। इसके साथ ही सभी ढाबों से अपना रेट लिस्ट भी डिस्प्ले करने को बोला गया है। मेरठ के शिव जितेंद्र ढाबा और पंडित ढाबा पर फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के द्वारा फ़ूड सेफ्टी ऐप का स्टीकर लगाया गया है। 

कब से कब तक चलेगा सावन का महीना

सावन के महीने को भोलेनाथ का प्रिय माह माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि सावन से लेकर कार्तिक माह तक सृष्टि का संचालन स्वयं भगवान शिव करते हैं। इस वर्ष सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू हो रहा है जोकि 9 अगस्त तक चलेगा। इस बार इस माह में 4 सोमवार पड़ रहे है, जिसमें पहला सोमवार 14 जुलाई को पड़ रहा है। बता दें कि इस माह में सोमवार का व्रत रखा जाता है और शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि चीजें अर्पित की जाती हैं।





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