
इराक में हथियार डालते कुर्दिश लड़ाके।
सुलेमानिया: इराक में कुर्दिश उग्रवादियों ने हथियार डाल दिया है। इससे 40 साल से चल रही जंग खत्म हो गई है। कुर्दिश अलगाववादी इराक के उत्तरी इलाके में सक्रिय थे, जिनका तुर्की के साथ मुख्य संघर्ष था। मगर अब कुर्दिश सुरक्षा बलों ने पूरी तरह से हथियार डाल दिया है। कुर्दिश सुरक्षा बलों ने हथियार डालने के साथ अपनी वर्दी भी जला दी है।
तुर्की के साथ था कुर्दिश उग्रवादियों का झगड़ा
कुर्द अलगाववादी उग्रवादी समूह के लड़ाके तुर्की में दशकों से विद्रोह चला रहे थे। मगर अब उन्होंने उत्तरी इराक में एक प्रतीकात्मक समारोह के दौरान अपने हथियार डाल दिया है। इसकी शुरुआत उन्होंने शुक्रवार से ही कर दी थी। इसके बाद शनिवार और रविवार को हजारों कुर्द लड़ाकों ने सरेंडर कर दिया। यह शांति प्रक्रिया के तहत निरस्त्रीकरण वादे की दिशा में पहला ठोस कदम है।
40 साल से क्या था झगड़ा
कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) ने मई 2025 में घोषणा की थी कि वह स्वयं को भंग करेगी और सशस्त्र संघर्ष छोड़ देगी, जिससे पिछले चार दशकों से चला आ रहा संघर्ष समाप्त होगा। यह कदम PKK नेता अब्दुल्ला ओजलान के उस आह्वान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने फरवरी में अपनी पार्टी से कहा था कि वे एक अधिवेशन बुलाएं और औपचारिक रूप से संगठन को भंग कर हथियार छोड़ दें। वर्ष 1999 से इस्तांबुल के पास एक द्वीप की जेल में बंद ओजलान जो ने बुधवार को एक वीडियो संदेश में अपने आह्वान को दोहराते हुए कहा, “मैं हथियारों में नहीं, राजनीति और सामाजिक शांति की शक्ति में विश्वास करता हूं।”
लड़ाकों ने हथियारों को जलती हांडी में फेंका
शुक्रवार को हुए समारोह में अधिकांश पत्रकारों को शामिल होने की अनुमति नहीं थी। यह कार्यक्रम उत्तरी इराक के स्वायत्त कुर्द क्षेत्र के सुलेमानीया प्रांत के पहाड़ों में आयोजित किया गया था। इवेंट के वीडियो फुटेज में देखा गया कि पुरुष और महिला लड़ाके अपने राइफल और मशीन गनों को एक बड़ी हांडी (cauldron) में डाल रहे हैं, जिसे बाद में जला दिया गया। PKK की ओर से हथियार डालने वाले लड़ाकों की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया, “हमने यह निरस्त्रीकरण शुभ-इच्छा और शांति प्रक्रिया की व्यावहारिक सफलता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के रूप में किया है।” (AP)