
फटी एड़ियों से छुटकारा दिला सकता है आलू
चेहरे की देखभाल तो सभी करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग एड़ियों की देखभाल करना भूल जाते हैं। रूखी और फटी एड़ियों की वजह से पैरों का लुक खराब हो जाता है। सैंडल के अंदर से झांकती फटी एड़ियां अक्सर लोगों की शर्मिंदगी का कारण बन जाती हैं। रूखी-फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के लिए लोग महंगे-महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पेडीक्योर जैसे ब्यूटी ट्रीटमेंट्स पर पैसे खर्च करते हैं। लेकिन आप घर बैठे भी अपनी एड़ियों को बेबी सॉफ्ट बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे…
फायदेमंद साबित हो सकता है आलू
क्या आपको भी यही लगता है कि आलू का इस्तेमाल सिर्फ खाने के लिए किया जाता है? अगर हां, तो आपको अपनी इस गलतफहमी को जल्द से जल्द दूर कर लेना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आलू में पाए जाने वाले तत्व त्वचा को रिपेयर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। यकीन मानिए सही तरीके से आलू यूज करना, आपकी त्वचा की सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है।
जान लीजिए इस्तेमाल करने का तरीका
सबसे पहले आपको एक आलू को छील लेना है। अब आपको इस आलू को ग्राइंडर में डालकर इसका पेस्ट बना लेना है। एक कटोरी में आलू के इस पेस्ट को निकाल लीजिए। अब इसी कटोरी में एक स्पून कोकोनट ऑइल निकाल लीजिए। इन दोनों नेचुरल चीजों को मिक्स करके आपको एक थिक पेस्ट तैयार कर लेना है। कोकोनट ऑइल की जगह आप शहद का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए आप इस मिक्सचर में ग्लिसरीन भी मिला सकते हैं। लगभग 15 मिनट तक इस पेस्ट को अपनी एड़ियों पर लगाकर रखें और फिर गुनगुने पानी से वॉश कर लें।
पाएं बेबी सॉफ्ट क्रैक फ्री एड़ियां
अगर आप आलू को अपने स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाते हैं, तो आपकी रूखी त्वचा को काफी हद तक मॉइश्चराइज किया जा सकता है। आलू के रस में मौजूद तत्व डेड स्किन सेल्स को रिमूव कर नई लेयर बनाने में कारगर साबित हो सकते हैं। अगर आप क्रैक फ्री एड़ियां पाना चाहते हैं, तो आलू को यूज करके देख सकते हैं। महज एक ही हफ्ते के अंदर आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर दिखाई देने लगेगा।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
