
लश्कर ए तैयबा चीफ हाफिज सईद
पाकिस्तान से बहुत बड़ी ख़बर सामने आ रही है। पाकिस्तान में फिर से हाफिज़ सईद दिख गया है, ऐसा लगता है कि हाफिज़ सईद जेल से बाहर आ गया है। क्योंकि अब हाफिज़ सईद खुलेआम घूमता दिखाई दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार हाफिज़ सईद कैमरे पर नज़र आया और वह सैकड़ों आतंकवादियों के बीच नज़र आया। ट्विटर पर दिखे एक वीडियो में हाफिज़ सईद आतंकवादियों को ट्रेनिंग देता दिखाई दिया। वीडियो में लश्कर ए तैय्यबा के आतंकवादी छोटे-छोटे ग्रुप्स में ट्रेनिंग लेते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो लाहौर का बताया जा रहा है और लाहौर के मुरीदके कैंप में ही हाफिज़ सईद ने लश्कर के आतंकवादियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी है। इस ट्रेनिंग कैंप में लश्कर के आतंकी..हाई जंप..Long जंप की प्रैक्टिस करते दिखाई दिए हैं। इसके साथ ही आतंकी नाव तैयार करते भी दिखाई दिए हैं। इस ट्रेनिंग कैंप में आतंकियों के हाथ पीछे से बांधकर उन्हें तैरने की ट्रेनिंग कराई जा रही है। तलवारबाज़ी से लेकर जूडो-कराटे और घुड़सवारी तक, लश्कर के आतंकियों को सिखाया जा रहा है।
कैसे दी जाती है आतंकियों को ट्रेनिंग, जानें
एक नाव जो आमतौर पर रबर या प्लास्टिक जैसी लचीली चीज़ से बनी है और जिसमें आसानी से हवा भरी जा सकती है, इसे स्विमिंग प्रैक्टिस के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल आतंकी गहरे पानी के भीतर डीप डाइविंग में इस्तेमाल के लिए करते हैं।
लकड़ी काटने वाली आरा मशीन से ड्रिलिंग की ट्रेनिंग दी जाती है।
लॉन्ग जंप, आग के भीतर कूदने की ट्रेनिंग, लश्कर ए तैय्यबा के आतंकवादियों को बिल्कुल वैसे ही ट्रेन किया जा रहा है, जैसे आसिम मुनीर अपने फौजियों को ट्रेनिंग देता है।
आतंकियों को फ्रंट फ्लिप करना सिखाया जाता है।
लॉन्ग जंप, आग लगी रिंग से निकलने तो कभी रिंग के ऊपर से कूदने का अभ्यास कराया जाता है।
आतंकवादियों को बाकायदा हथियार चलाने की प्रैक्टिस कराई जाती है
तलवारबाज़ी से लेकर जूडो कराटे तक AK-47 से लेकर चाकूबाज़ी तक, मुरीदके में लश्कर ए तैय्यबा के कैंप में हर तरह की टेरर ट्रेनिंग दी जाती है।
आतंकवादियों की टेरर ट्रेनिंग में घुड़सवारी की भी ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि पहाड़ी इलाकों में मुश्किल टेरेन में आतंकी आसानी से अडॉप्ट कर सकें।
हाफिज सईद ने अबु जार को सौंपी टेरर कैंप की कमान
मुरीदके में हिंदुस्तान के एरियल स्ट्राइक के बाद हाफिज़ सईद ने अपने टेरर कैंप की कमान अब एक दूसरे आतंकवादी को सौंप दी है, जिसका नाम है अबु ज़ार जो अब मरकज़े तैय्यबा की सिक्योरिटी का पूरा इंतज़ाम खुद देख रहा है। लश्कर का ये आतंकवादी बाकायदा हाथ में AK-47 लेकर घूमता है, वो अकेले नहीं घूमता है साथ में एक और हथियारबंद आतंकवादी को अपने साथ रखता है।
मुरीदके में ट्रेनिंग लेने वाले इन्हीं आतंकवादियों में से बेस्ट परफॉर्मर्स को सेलेक्ट करके उन्हें पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में भेजा जाता है, जहां इन आतंकियों को..पाकिस्तान की सेना एडवांड्स मिलिट्री ट्रेनिंग देती है और भारत पर हमले के लिए LoC के इस पार भेजती है।