Image Source : Sora AI
यमुना नदी के किनारे बसा आगरा मुगलों की राजधानी के रूप में मशहूर है, लेकिन इसकी स्थापना सुल्तान सिकंदर लोदी ने की थी। आज जिस आगरा को हम जानते हैं उसे सिकंदर लोदी ने 1504 में बसाया था। हालांकि यह भी तथ्य है कि आगरा का इतिहास महाभारत काल तक जाता है।
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लोदी वंश का दूसरा शासक सिकंदर लोदी 17 जुलाई 1489 में दिल्ली सल्तनत का सुल्तान बना। उसने आगरा को सैन्य और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया। आगरा को बसाने का फैसला उसकी रणनीतिक सोच का हिस्सा था, क्योंकि यमुना नदी की वजह से यह शहर व्यापार और सुरक्षा के लिए आदर्श जगह थी।
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सिकंदर लोदी ने कट्टर सुन्नी इस्लाम को बढ़ावा दिया और हिंदू मंदिरों को तोड़ा। मथुरा में कई मंदिर ढहाए गए और वहां मस्जिदें बनाई गईं। उसने नए मंदिर बनाने पर भी पाबंदी लगाई।
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सिकंदर लोदी ने गैर-मुस्लिमों, खासकर हिंदुओं पर जजिया कर फिर से लागू किया। पहले के सुल्तानों ने इसे हल्का किया था, लेकिन सिकंदर ने इसे मजबूती से लागू किया। यह कर हिंदुओं पर आर्थिक बोझ था और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाता था।
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सिकंदर लोदी ने हिंदू त्योहारों और जुलूसों पर सख्त पाबंदी लगाई, खासकर आगरा और मथुरा में। इसका उद्देश्य हिंदू रीति-रिवाजों को सार्वजनिक रूप से दबाना था, ताकि इस्लामी नियमों का दबदबा बना रहे। उसने मस्जिदों और मदरसों को बनवाने में खूब खर्च किया, जबकि गैर-इस्लामी संस्थानों को दबाया।
