
सांकेतिक तस्वीर
भारतीय सेना के एक डॉक्टर ने फ्लाइट में एक यात्री की जान बचाई है। 14 जुलाई 2025 (बुधवार) को चेन्नई से गुवाहाटी जा रही इंडिगो की फ्लाट में एक यात्री की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उड़ान के दौरान ही उसका इलाज किया गया।
इस तरह बिगड़ी 75 वर्षीय यात्री की तबीयत
दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-6011 में सवार एक 75 वर्षीय भारतीय यात्री को शाम 6 बजकर 20 मिनट पर चिकित्सा आपात स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे वह बेहोश हो गया और अत्यधिक पसीना आने लगा था। 75 वर्षीय यात्री के हाथ-पैर ठंडे हो गए और उसमें हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण दिखाई देने लगे थे।
सेना के डॉक्टर मेजर मुकुंदन ने शुरू किया इलाज
तभी केबिन क्रू ने मरीज को तुरंत ऑक्सीजन दी और चिकित्सा सहायता के लिए फ्लाइट में घोषणा भी की। छुट्टी से लौट रहे सेना के डॉक्टर मेजर मुकुंदन ने तुरंत 75 वर्षीय मरीज की फ्लाइट के अंदर ही मदद की। जांच करने पर उन्होंने पाया कि मरीज अर्ध-बेहोशी की हालत में था। उसकी पुतलियां प्रतिक्रियाशील थीं और हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण साफ दिख रहे थे।
चीनी और ओआरएस का दिया गया घोल
हवाई यात्रा के दौरान सीमित संसाधनों के कारण मेजर मुकुंदन ने मरीज के महत्वपूर्ण अंगों और ऑक्सीजन की स्थिति की निगरानी जारी रखते हुए उसे चीनी और ओआरएस का घोल दिया। इसके बाद उसकी सेहत में कुछ सुधार आया।
एयर पोर्ट के आपातकालीन कक्ष में भी सेना के डॉक्टर ने किया इलाज
गुवाहाटी में फ्लाइट के लैंड करते ही मरीज को एयर पोर्ट के आपातकालीन कक्ष में ले जाया गया। जहां मेजर मुकुंदन ने उसका इलाज जारी रखा। मरीज को होश आ गया और रात 8 बजे तक उसकी हालत स्थिर हो गई। उसके स्वास्थ्य में सुधार साफ नजर आया। इस तरह मेजर मुकुंदन की त्वरित और निस्वार्थ कार्रवाई और फ्लाइट के चालक दल के सहयोग से यात्री की जान बचाई जा सकी।
