
अनिल अंबानी
उद्योगपति और रिलायंस धीरूभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (loc) जारी किया गया है। ED ने उन्हें 5 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया भी है। बता दें कि ED ने 17,000 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी को समन भेजा है। उन्हें 5 अगस्त को दिल्ली में ED मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। बीते हफ्ते ED ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी मुंबई की लगभग 35 जगहों पर छापेमारी की थी जिसमें 50 कंपनियां और 25 लोग शामिल थे। यह छानबीन मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत हो रही है।
दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में बुलाया
सूत्रों के मुताबिक 66 वर्षीय अंबानी को दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में बुलाया गया है, क्योंकि यह मामला वहीं दर्ज है। एजेंसी उनसे पूछताछ के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज करेगी। माना जा रहा है कि यह समन रिलायंस समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए बैंक ऋणों के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में भेजा गया है।
येस बैंक से जुड़े आरोप
ईडी की जांच का एक बड़ा फोकस ₹3,000 करोड़ के लोन पर है, जो 2017 से 2019 के बीच Yes Bank द्वारा समूह की कंपनियों को दिया गया था। आरोप है कि इन लोन के जारी होने से ठीक पहले येस बैंक के प्रमोटरों को संबंधित संस्थाओं के माध्यम से फंड ट्रांसफर किया गया, जिसे ईडी “घूस के बदले लोन के रूप में देख रही है। लोन स्वीकृति में बैकडेटेड क्रेडिट अप्रूवल मेमो, बिना उचित मूल्यांकन निवेश, और बैंक की क्रेडिट नीति का उल्लंघन शामिल बताया गया है।
SBI और अन्य बैंकों की भूमिका
भारत सरकार ने हाल ही में संसद में जानकारी दी थी कि एसबीआई ने आरकॉम और अनिल अंबानी को “धोखाधड़ी” की कैटेगरी में रखा है और जल्द ही सीबीआई में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा, आरकॉम और केनरा बैंक के बीच ₹1,050 करोड़ के लोन फ्रॉड की जांच भी ईडी कर रही है।