‘भागवत को अरेस्ट करके…’, ATS के Ex मुस्लिम अफसर के खुलासे से कांग्रेस पर भड़के फडणवीस


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संघ प्रमुख मोहन भागवत।

महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर ने हलचल मचा दी है। मालेगांव बम ब्लास्ट केस की जांच करने वाले महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पूर्व एटीएस अफसर महबूब मुजावर ने दावा किया है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को अरेस्ट करने का ऑर्डर था। उसके लिए उन्हें बाकायदा रिवॉल्वर और वारंट देकर भेजा गया था। अब इस दावे के बाद महाराष्ट्र में सियासी घमासान छिड़ गया है। महाष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ की गई साजिश अब खुल रही है। इसी साजिश की ये कड़ी है। कई हिंदुवादी नेता और संघ के लीडर टारगेट पर थे।

‘2008 की साजिश सबके सामने आ गई’

सीएम फडणवीस शुक्रवार को नागपुर पहुंचे थे जहां उन्होंने मोहन भागवत के साथ कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय रामटेक के नए भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार ने वोटबैंक की राजनीति के लिए ‘हिंदू आतंकवाद’ और ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्द गढ़े। अदालत के फैसले के बाद 2008 की यह साजिश सबके सामने आ गई है। फडणवीस ने आरोप लगाए कि कांग्रेस ने हिंदुत्ववादी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिकारी व पदाधिकारियों को टारगेट करने का षड्यंत्र रचा था।

‘कांग्रेस ने हिंदुओं को आतंकवादी ठहराने का प्रयास किया’

उन्होंने कहा, “लोगों को अरेस्ट किया गया। हिंदुत्ववादी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिकारी व पदाधिकारियों को टारगेट करने का यह षड्यंत्र था। बहुत जद्दोजहद के बावजूद उनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया। कई अधिकारी ऐसे थे, जिन्होंने बहुत दबाव होने के बावजूद यह साफ कहा कि हम गैरकानूनी काम नहीं कर सकते, ऐसा कोई सबूत इनके खिलाफ नहीं है।” फडणवीस ने कहा, “परत दर परत यह षड्यंत्र बाहर निकल रहा है। कांग्रेस ने तमाम हिंदुओं को आतंकवादी ठहराने का यह प्रयास किया।”

क्यों हुई भागवत को पकड़ने की कोशिश?

महबूब मुजावर ने कहा कि पूर्व अफसर परम बीर सिंह ने उन्हें भागवत को अरेस्ट करने का ऑर्डर दिया था। किसी भी कीमत पर उठाकर लाने का दबाव बनाया गया था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया जिसके बाद झूठे केस उन पर डाले गए। 2008 के मालेगांव विस्फोट के मामले में ये आदेश जारी किया गया था। मुजावर के मुताबिक, भागवत को गिरफ्तार करने के ऑर्डर का मकसद ‘भगवा आतंकवाद’ को स्थापित करना था।

‘कोई भगवा आतंकवाद नहीं था, सब कुछ फर्जी था’

मुजावर ने बताया- ‘‘मोहन भागवत जैसी बड़ी हस्ती को पकड़ना मेरी क्षमता से परे था। चूंकि मैंने आदेशों का पालन नहीं किया, इसलिए मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और इसने मेरे 40 साल के करियर को बर्बाद कर दिया।’’ उन्होंने आगे कहा कि ‘‘कोई भगवा आतंकवाद नहीं था। सब कुछ फर्जी था।’’

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