
फैक्ट चेक
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें जलभराव के बीच लोग हैंड रेलिंग पकड़कर खड़े नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह दिल्ली के किसी मेट्रो स्टेशन का है, जबकि अन्य इसे मुंबई का बताकर शेयर कर रहे हैं। पीटीआई फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि ब्राजील के साओ पाउलो स्थित एर्टन सेना मेट्रो स्टेशन का है। यह घटना 24 जनवरी 2024 की है, जब भारी बारिश के चलते अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन में तेज जलभराव हो गया था।
दावा:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने 11 जुलाई 2025 को वायरल वीडियो को शेयर किया है, जिसमें जलभराव के बीच लोग हैंड रेलिंग पकड़कर खड़े नजर आ रहे हैं।और वीडियो पर कैप्शन लिखा हुआ है, न्यू दिल्ली मेट्रो स्टेशन। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट नीचे देखें। वहीं, एक अन्य यूजर ने यूट्यूब पर समान दावे के साथ वायरल वीडियो को शेयर किया हैं।

फैक्ट चेक
पड़ताल:
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के एक की-फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए जांचा। इस प्रक्रिया में हमें यह वीडियो जनवरी 2025 के एक फेसबुक पोस्ट में मिला, जहां इसे साओ पाउलो, ब्राजील का बताया गया था। फेसबुक से मिले क्लू के आधार पर हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें यही वीडियो डेली मेल के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर मिला। डेली मेल एक ब्रिटिश टैब्लॉयड दैनिक समाचार पत्र है, जिसमें लिखा गया था, ‘ब्राजील के साओ पाउलो में भीषण बाढ़ के कारण यात्री फंसे हुए हैं।’ यह पोस्ट 27 जनवरी 2025 को शेयर की गई थी।
पड़ताल के अंत में, हमें ब्राजील के एक मीडिया आउटलेट पर समान दावे से जुड़ी एक खबर प्रकाशित मिली। हमारी पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि ब्राजील के साओ पाउलो स्थित एर्टन सेना मेट्रो स्टेशन का है। यह घटना 24 जनवरी 2024 की है, जब भारी बारिश के चलते अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन में जलभराव हो गया था।
(इनपुट-भाषा)
