
रजत शर्मा ब्लॉग।
दिल्ली और NCR में डॉग लवर्स और स्ट्रे डॉग्स को कंट्रोल करने वालों के बीच एक दीवार खड़ी हो गई है। डॉग लवर्स इस बात को लेकर परेशान हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्ट्रे डॉग्स पर जुल्म किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ्ते में 5 हजार डॉग्स को पकड़ने का आदेश दिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बेजुबानों के साथ बुरा सलूक किया जाएगा। उन्हें बेरहमी से पकड़ कर बंद कर दिया जाएगा, कहीं दूर मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा। इसीलिए Court के इस आदेश को वापस लिया जाना चाहिए। स्ट्रे डॉग्स से परेशान लोग बताते हैं कि कैसे कुत्तों ने बच्चों को नोच-नोच कर मार डाला, कैसे एक प्लेयर रेबीज का शिकार होकर हॉस्पिटल में तड़प रही है।
ऐसी घटनाओं के वीडियो दिखाकर वो कहते हैं कि स्ट्रे डॉग्स से बचाव होना चाहिए। इंसान की जिंदगी बहुत कीमती है, लेकिन डॉग लवर्स का तर्क है कि एक-दो स्ट्रे डॉग्स के कारण सारे कुत्तों पर अत्याचार कैसे किया जा सकता है? उनका कहना है कि शेल्टर्स का सुझाव बिलकुल बेकार है। दिल्ली और NCR के 10 लाख स्ट्रे डॉग्स को शेल्टर देने के लिए 400 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। इतना पैसा कहां से आएगा ? इतने स्ट्रे डॉग्स को सिर्फ खाना देने पर सालाना 1400 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। ये कौन देगा? कहां से आएगा?
इस वक्त MCD स्ट्रीट डॉग्स पर सिर्फ 16 करोड़ रुपये खर्च करती है। ये चिंता वाजिब है क्योंकि सवाल ये है कि फिर करें तो क्या करें? एक तरफ इंसानों की चिंता है, दूसरी तरफ बेज़ुबान जानवरों की जिंदगी। गलियों से, सड़कों से कुत्तों को हटाना समस्या का हल नहीं हो सकता क्योंकि इस समय न तो शेल्टर्स हैं, न फंड हैं, न कोई प्लान। तो फिर क्या किया जाए? इंडिया टीवी ने लोगों से सुझाव मांगे हैं।
मेरा कहना है कि जो बेजुबान जानवर अपना दर्द समझा नहीं सकते, उनकी बात समझने की कोशिश करनी चाहिए. जो अपने लिए लड़ नहीं सकते, उनके लिए लड़ना चाहिए. हम stray dogs को न तो सड़कों पर छोड़ सकते हैं, न उन्हें मरने के लिए छोड़ सकते हैं। न तो हम ये चाहते हैं कि कोई एक बच्चा भी डॉग बाइट का शिकार हो, न ही हम चाहते हैं कि एक भी स्ट्रे डॉग पर किसी तरह का कोई जुल्म हो। तो उन्हें कहां रखें? उनकी देखभाल कैसे करें? अगर आपके पास कोई हल है तो हमें बताएं।
याद रखिए कि जिन 10 लाख स्ट्रे डॉग्स की बात की जा रही है, उनमें बड़ी संख्या में स्वस्थ और वैक्सीनेटेड डॉग्स भी हैं। उन्हें उठाकर कहीं बंद करने की क्या जरूरत? दूसरी बात ये माननी पड़ेगी कि स्ट्रे डॉग्स के Sterilization का प्लान पूरी तरह से फेल हो गया, इसीलिए ये समस्या इतनी बड़ी बनी। जो एजेंसीज ठीक से Sterilization नहीं कर पाई, वो शेल्टर में डॉग्स की देखभाल कैसे करेगी? ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनके जवाब मिलना जरूरी है। इंडिया टीवी को समाधान की तलाश है। अगर आपके पास ऐसा कोई तरीका है जो मानवीय भी हो और व्यावहारिक भी, तो हमें जरूर बताएं। आप अपना आइडिया हमें Whatsapp पर भेज सकते हैं। नंबर है, 93505 93505, आप मेल कर सकते हैं, idea@ indiatvnews.com पर। (रजत शर्मा)
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