
भारतीय वायुसेना के चार अधिकारियों को सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से नवाजा गया।
भारत आजादी के 79वें साल में कदम रखने जा रहा है। इस मौके पर ऑपरेशन सिंदूर में अपना शौर्य दिखाने वाले भारतीय सुरक्षाबलों के जांबाजों को उनकी असाधारण वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया है। इनमें भारतीय वायुसेना के 13 अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा मेडल’ और 9 अधिकारियों को ‘वीर चक्र’ से नवाजा गया है।
वीर चक्र से सम्मानित 9 अधिकारी
ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी समूहों के मुख्यालयों को निशाना बनाने वाले लड़ाकू पायलटों सहित 9 अधिकारियों को ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया है। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। इन बहादुर अधिकारियों ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान की सैन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। भारतीय वायु सेना ने इस कार्रवाई के दौरान कम से कम छह पाकिस्तानी विमानों को भी मार गिराया था।
वीर चक्र से सम्मानित
- रंजीत सिंह सिद्धू
- मनिष अरोड़ा, SC
- अनिमेश पटनी
- कुणाल कालरा
- जॉय चंद्र
- सार्थक कुमार
- सिद्धांत सिंह
- रिजवान मलिक
- अर्शवीर सिंह ठाकुर
युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित 13 अधिकारी
रक्षा और हवाई हमलों को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए 13 अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान को प्राप्त करने वाले अधिकारियों में एयर वाइस मार्शल जोसेफ सुआरेस, एयर वाइस मार्शल प्रज्वल सिंह और एयर कमोडोर अशोक राज ठाकुर जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
सर्वोत्तम युद्ध सेवा से सम्मानित 4 अधिकारी
ऑपरेशन सिंदूर के लिए चार भारतीय वायुसेना अधिकारियों को सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है। इनमें वायुसेना उप-प्रमुख एयर मार्शल नरनदेश्वर तिवारी, पश्चिमी वायु कमान के कमांडर एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा और वायु अभियान के महानिदेशक एयर मार्शल अवधेश भारती शामिल हैं।
इंडियन आर्मी को ऑपरेशन सिंदूर के लिए ये सम्मान दिया गया
- सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक- 2
- कीर्ति चक्र- 4
- उत्तम युद्ध सेवा पदक- 3
- वीर चक्र- 4
- शौर्य चक्र- 8
- युद्ध सेवा पदक- 9
- सेना पदक में बार- 2
- सेना पदक- 58
- मेंशन इन डिस्पैच: 115