पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों ने शुरू कर दी हड़ताल, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी


Punjab Roadways strike 2025, PRTC employees protest- India TV Hindi
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पंजाब रोडवेज और PRTC के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से भारी दिक्कत हो रही है।

पटियाला: पंजाब रोडवेज और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्टेशन कॉरपोरेशन यानी कि PRTC के संविदा कर्मचारियों ने गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारी अपनी नौकरियों को पक्का करने, संविदा भर्ती खत्म करने और नई बसें शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इस हड़ताल की वजह से पंजाब के कई बस अड्डों पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC की करीब 2,500 बसें सड़कों से नदारद रहीं। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।

महिलाओं को हुई ज्यादा परेशानी

बसों के सड़कों से नदारद होने की वजह से कई लोगों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ा। खासकर महिलाओं को ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि पंजाब सरकार की मुफ्त बस यात्रा योजना केवल सरकारी बसों पर लागू है। होशियारपुर बस स्टैंड पर 48 साल की सतनाम कौर ने बताया, ‘मुझे लुधियाना से होशियारपुर पहुंचने के लिए प्राइवेट बस में किराया देना पड़ा। बस स्टैंड पर पहुंचकर पता चला कि हड़ताल है। अब मैं टांडा जाने के लिए आधे घंटे से इंतजार कर रही हूं, लेकिन कोई सरकारी बस नहीं मिली।’

27 बस डिपो में कर्मचारियों का प्रदर्शन

बटाला के 80 वर्षीय जोगिंदर कुमार ने कहा, ‘मुझे रिश्तेदारों से मिलने आना था, लेकिन हड़ताल की वजह से निजी बस में सफर करना पड़ रहा है। एक बस भारी भीड़ की वजह से छूट गई, अब दूसरी का इंतजार कर रहा हूं।’ होशियारपुर में बारिश के कारण बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या कम थी, लेकिन परेशानी बरकरार रही। पंजाब रोडवेज, पनबस, PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने राज्य के 27 बस डिपो में प्रदर्शन किए। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

‘हड़ताल में शामिल हैं 8000 कर्मचारी’

होशियारपुर में यूनियन के जिला अध्यक्ष रमिंदर सिंह ने कहा, ‘हमारी कई मांगें लंबे समय से लटकी हैं। सरकार ने पहले वादे किए थे, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई। अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो हम आंदोलन को और तेज करेंगे।’ पटियाला में यूनियन नेता हरकेस कुमार विक्की ने बताया कि करीब 8,000 कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने ऐलान किया कि 15 अगस्त को वे काले झंडों के साथ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

बिना किसी नतीजे के खत्म हुई थी बैठक

पंजाब ट्रांसपोर्ट सचिव और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हुई। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने पहले किलोमीटर स्कीम की बसों के टेंडर रद्द करने और वेतन तय करने जैसे वादे किए थे, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ। हड़ताल की वजह से पंजाब में यात्रियों को निजी बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खासकर मुफ्त यात्रा का लाभ लेने वाली महिलाएं परेशान हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो हड़ताल और तेज होगी। (PTI)





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