Rajat Sharma’s Blog | मोदी का संबोधन: सिन्दूर, सुरक्षा, सुदर्शन चक्र, समृद्धि और संघ


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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

लाल किले के प्राचीर से  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा, समृद्धि और संकल्प का संदेश दिया। लाल किले से 12वीं बार देश को संबोधित करते हुए मोदी ने साजिश की बात की, समर्पण का जिक्र किया और सेहत पर भी सलाह दी। प्रधानमंत्री का संबोधन सकारात्मक था, to the point था, हर बात में एक गहरा अर्थ छुपा था। मोदी ने डेमोग्राफी में साजिश की बात की, हाई पावर मिशन का ऐलान किया। मोदी ने देश को दुश्मनों से खतरे की बात की और सुरक्षा के सुदर्शन चक्र की घोषणा की।

मोदी ने दीवाली पर GST की दरें घटाने का वादा किया। पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भारत न्यूक्लियर बम की धमकी से ब्लैकमेल नहीं होगा। मोदी ने अमेरिका को टैरिफ पर कड़ा संदेश दिया। कहा, चाहे जो हो, भारत किसानों, डेयरी और मछली उत्पादकों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

सुदर्शन चक्र

मोदी ने जिस ‘सुदर्शन चक्र’ की बात की, वो आखिर है क्या? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि Air Defense System मजबूत होना कितना जरूरी है। भारत का Air Defense System अभेद्य था। इसीलिए Turkey के बने हजारों ड्रोन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाए। पाकिस्तान की फतह और गजनी जैसी missiles को इसी system ने रास्ते में मार गिराया।

दूसरी तरफ भारतीय सेना ने पहले पाकिस्तान के Air Defense System को नाकाम किया और फिर हमारी ब्रह्मोस मिसाइलें इस्लामाबाद के पास वाले airbases तक पहुंच गई। भारत का कोई विमान हमला करने के लिए पाकिस्तान की सीमा में नहीं घुसा। अपनी airspace से ही 13 airbases पर हमले किये।

आने वाले दिनों में Warfare ऐसा ही होगा इसीलिए Air Defense System को और शक्तिशाली बनाने की आवश्यकता है। इसमें एक नई बात ये है कि वायु सेना, थल सेना और नौसेना  के bases तो पहले से ही protected है, पर पाकिस्तान जैसा बेशर्म दुश्मन civilian ठिकानों पर हमले कर सकता है। हमारी industry को निशाना बना सकता है। थोड़े दिन पहले जनरल आसिम मुनीर ने कहा था कि गुजरात की जामनगर Oil Refinery उनके निशाने पर है।

सुदर्शन चक्र ऐसे सभी ठिकानों को सुरक्षा देगा। ये ऐसी missiles का चक्र होगा, जो दुश्मन के drones, artillery shells और missiles को real time में detect कर सके, उन्हें हवा में ही मार गिराने में सक्षम हो। इस system में surveillance की कई layers होंगी।

ये माना जाता है कि इजरायल के पास जो Iron Dome  है, वो उसे चारों तरफ से होने वाले हमलों से बचाता है। हर मिसाइल को हवा में ही मार गिराता है। भारत का सुदर्शन चक्र इन्हीं lines पर होगा लेकिन भारत की सीमाएं बहुत फैली हुई हैं। इजरायल के मुकाबले भारत आकार में एक बहुत बड़ा देश है। भारत के वो महत्वपूर्ण स्थान  जिन्हें सुरक्षा  देने की जरूरत है, उनकी तादाद ज्यादा है और वो देश भर में फैले हैं। इसीलिए भारत को अपने हिसाब से Air Defense System develop करना है। इसमें 10 साल का वक्त लगेगा।

पाकिस्तान

एक ज़माना था जब लाल किले के भाषण में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया जाता था। ‘एक पड़ोसी देश’ कहा जाता था। लेकिन मोदी की स्टाइल अलग है। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लेकर कहा कि न तो पानी मिलेगा, न न्यूक्लियर ब्लैकमेल चलेगा, न भारत किसी धमकी से डरेगा। पाकिस्तान को लेकर ट्रंप 35 बार कह चुके हैं कि उन्होंने सीजफायर करवाया। ट्रंप ने ये भी कहा कि टैरिफ डील का दबाव डालकर उन्होंने दोनों देशों को झुकाया। अब ये तो साफ हो गया कि भारत टैरिफ के दबाव में नहीं आया। इसीलिए मोदी ने कहा कि किसानों, डेयरी और मछली पालन करने वालों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मोदी ने अपने भाषण में  26 बार आत्मनिर्भर भारत का जिक्र किया। मोदी का संदेश स्पष्ट है। अगर भारत आत्मनिर्भर होगा तो फिर कोई देश  हम पर दबाव नहीं डाल पाएगा।

डेमोग्राफी

जिस Demography की साजिश का नरेंद्र मोदी ने जिक्र किया उसके दो पहलू हैं। एक तो ये कि बांग्लादेश से आए घुसपैठिये देश के अलग अलग हिस्सों में बंट गए हैं लेकिन असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार जैसे राज्यों में ये लोग स्थानीय आबादी के साथ बड़े आराम से घुल-मिल गए हैं। उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड है। इसीलिए ऐसे लोगों की पहचान करना, उन्हें पकड़ना और निकालना मुश्किल काम है।

इसीलिए मोदी ने एक High Power Demography Mission का जिक्र किया। लेकिन बीजेपी, RSS और इनसे जुड़े संगठन Demography के खतरे को मुसलमानों की बढ़ती आबादी के रूप में भी देखते हैं। कोई साफ साफ नहीं कहता, पर सब मानते हैं कि असम और पश्चिम बंगाल में जिस तेजी से मुस्लिम आबादी बढ़ रही है, कुछ साल बाद यहां हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे। इसके लिए धुबरी और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों के उदाहरण दिए जाते हैं। 

असम में कांग्रेस इस विचार का विरोध करती है और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी तो इस तरह के किसी भी प्रयास का घोर विरोध करती है। इन राज्यों में ये दोनों पार्टियां मुसलमानों के बारे में एक लफ्ज भी सुनना नहीं चाहती। इसीलिए जब Demography पर High Power Mission mode में काम होगा, तो उन्हें गौरव गोगोई और ममता बनर्जी जैसे नेताओं से टकराना पड़ेगा।

GST

ये सही है कि GST की मूल अवधारणा थी, One Nation One Tax, लेकिन मौजूदा GST में 4-4 slabs हैं। इससे गलतफहमियां पैदा होती है। GST देने वालों को परेशानी होती है। सिर्फ GST calculate करने और file करने के लिए कई लोगों को रखना पड़ता है। इसीलिए इसमें सुधार की आवश्यकता थी। GST slabs में बदलाव की जरूरत तो थी। नरेंद्र मोदी ने इस परेशानी को समझा। अब GST में चार slab के बजाए सिर्फ दो slab रखने का प्रस्ताव है। एक 5% का और दूसरा 18% का।

पता ये चला है कि Agro products, Dairy products, स्वास्थ्य से जुड़ी चीजें और बीमा को 5% slab में रखा जाएगा। अगर इन चीजों पर GST कम होता है तो इससे चीजें सस्ती होंगी, जनता को राहत मिलेगी। इसीलिए मोदी ने कहा कि दिवाली से पहले देश को double gift देंगे। एक जानकारी ये भी मिली है कि तंबाकू, पान मसाला, सिगरेट, शराब जैसी हानिकारक चीजों के लिए अलग प्रावधान होगा। इन पर 40% GST लगेगा। ये प्रस्ताव सितंबर में होने वाली GST काउंसिल की मीटिंग में रखा जाएगा और सुधारों के बाद ज्यादातर चीजें 7 से 10 परसेंट तक सस्ती हो जाएंगी।

RSS

भाषण के आखिर में मोदी ने ऐसी बात कह दी, जिससे विपक्ष के नेताओं को जबरदस्त मिर्ची लग गई। पहली बार लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम लिया, RSS की जमकर तारीफ की। अगले महीने 27 सितंबर को संघ की स्थापना के 100 साल पूरे होंगे। लाल किले से RSS का नाम सेने पर कई विरोधी दलों के नेताओं को मिर्ची क्यों लगी। किसी ने कहा कि RSS देश विरोधी संगठन है, तो RSS ने याद दिलाया कि 1962 में पंडित नेहरू ने और 1965 में लाल बहादुर शास्त्री ने युद्ध के दौरान RSS से मदद ली थी और RSS को सम्मान दिया था। कांग्रेस के एक और बड़े नेता पंडित मदन मोहन मालवीय ने तो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में संघ कार्यालय बनवाया था।

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पक्के कांग्रेसी थे लेकिन संघ के दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुए, संघ की निस्वार्थ सेवा भावना की तारीफ की। इसीलिए कांग्रेस के जो लोग RSS को देश विरोधी कहते हैं उन्हें अपना इतिहास पढ़ लेना चाहिए। कुछ लोगों ने कहा कि मोदी ने RSS को NGO क्यों कहा? RSS के लोगों ने याद दिलाया कि RSS अकेला ऐसा संगठन है जो पिछले 100 साल से अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा कर रहा है। जैसे, आदिवासियों के लिए वनवासी कल्याण परिषद, शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती, समाज सेवा के लिए सेवा भारती, बच्चों के लिए एकल विद्यालय, महिलाओं के लिए राष्ट्र सेविका समिति जैसी संस्थाएं RSS चलाती हैं। इसीलिए RSS की निष्ठा, सेवा और समर्पण भाव पर सवाल उठाना बेमानी है।

वैसे आरोप लगाने वाले ये भूल गए कि नरेंद्र मोदी भी RSS के product हैं। उन्हें गुजरात की जनता ने 13 वर्ष तक सरकार चलाने के लिए चुना और देश की जनता ने तीन तीन बार उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए चुना। इसका मतलब ये कि कम से कम देश की जनता को तो RSS से कोई समस्या नहीं है। लेकिन राजनीति में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें लगता है कि उन्होंने अगर RSS को गाली नहीं दी, तो उनका Vote-bank उनसे नाराज हो जाएगा। तो ये विचारधारा से ज्यादा राजनीतिक मजबूरी है। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 15 अगस्त, 2025 का पूरा एपिसोड

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