
उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा। फाइल फोटो
चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल करते हुए कैबिनेट मंत्र हरभजन सिंह से बिजली विभाग लेकर उसे उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा को सौंप दिया। इस फेरबदल के बाद, हरभजन सिंह के पास अब केवल लोक निर्माण विभाग ही रह गया है, जबकि अरोड़ा चार विभागों के मंत्री हो गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य के अलावा, उनके पास निवेश प्रोत्साहन और प्रवासी भारतीय मामलों का विभाग पहले भी था।
मुख्यमंत्री ने दिया कड़ा संदेश
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री मान ने इस फेरबदल के साथ एक कड़ा संदेश दिया है। इस फेरबदल ने यह भी उजागर किया है कि कैसे संजीव अरोड़ा, जो पिछले महीने जुलाई में मंत्री बनाए गए थे, धीरे-धीरे पार्टी और सरकार के भीतर एक शक्ति केंद्र बनते जा रहे हैं। जुलाई में हुए पिछले कैबिनेट विस्तार के दौरान कुलदीप धालीवाल को मंत्री पद से हटा दिया गया था और उनका एकमात्र विभाग, प्रवासी भारतीय मामले, अरोड़ा को दे दिया गया था। उद्योग एवं वाणिज्य और निवेश प्रोत्साहन विभाग, जो पहले तरुणप्रीत सिंह सोंड के पास थे अरोड़ा को दे दिए गए।
जून में बने विधायक, जुलाई में बन गए मंत्री
इस फेरबदल ने यह भी उजागर किया है कि कैसे अरोड़ा, जो 19 जून को लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधायक चुने गए थे और जुलाई में मंत्री बनाए गए थे, धीरे-धीरे पार्टी और सरकार के भीतर एक शक्ति केंद्र बनते जा रहे हैं। जुलाई में हुए पिछले कैबिनेट विस्तार के दौरान, कुलदीप धालीवाल को मंत्री पद से हटा दिया गया था और उनका एकमात्र विभाग, प्रवासी भारतीय मामले, अरोड़ा को दे दिया गया था।
उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग, जो पहले तरुणप्रीत सिंह सोंद के पास थे, भी अरोड़ा को दे दिए गए, जो पार्टी द्वारा उपचुनाव लड़ने के लिए कहे जाने से पहले राज्यसभा सदस्य थे। इस उपचुनाव को सत्तारूढ़ आप के लिए एक अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। इससे पहले संजीव अरोड़ा राज्यसभा सदस्य थे। अरोड़ा 19 जून को लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधायक चुने गए थे और जुलाई में मंत्री बनाए गए थे।
इनपुट- भाषा
