
असीम मुनीर को राजनाथ सिंह ने दिया जवाब।
राजनाथ सिंह ने कहा- “हाल ही में, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर अपने बयान पर पाकिस्तान के अंदर भी और पूरी दुनिया में, खूब ट्रोल हुए। सबने यही कहा, कि अगर दो देश एक साथ आज़ाद हुए, और एक देश ने कड़ी मेहनत, सही नीतियों और दूरदृष्टि से, Ferrari जैसी अर्थव्यवस्था बनाई, और दूसरा अभी भी डंपर की स्थिति में है, तो यह उनकी अपनी नाकामी है। मैं असीम मुनीर के इस बयान को एक Confession के रूप में भी देखता हूँ
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने, जाने-अनजाने में एक ऐसी कबीलाई और लुटेरी मानसिकता की तरफ इशारा किया है जिसका शिकार पाकिस्तान अपने जन्म से रहा है। मुझे ऐसा लगता है, साथियों, कि हमें पाकिस्तानी सेना के इस भ्रम को तोड़ना होगा। ‘Operation Sindoor’ के चलते तो वैसे, उनके मन में यह भ्रम उत्पन्न होना भी नहीं चाहिए था। पर हमें यह ensure करना होगा कि भारत की समृद्धि, हमारी संस्कृति और हमारी economic prosperity के साथ-साथ, हमारी रक्षा क्षमता और अपने राष्ट्रीय सम्मान के लिए, लड़ने की भावना भी उतनी ही सशक्त बनी रहे। हमें यह ensure करना होगा, कि हमारी सभ्यता में, हमारे राष्ट्र में, वह fighting spirit भी जिंदा रहे:
जब हम अपने बच्चों को यानि अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को, science, mathematics, artificial intelligence, quantum physics और Space Research में आगे बढ़ाते हैं, उनको इन विषयों की शिक्षा देते हैं, तो साथ ही यह भी आवश्यक है, कि हर नागरिक, हर विद्यार्थी के भीतर राष्ट्र की रक्षा का संकल्प जीवित रहे
हमारे युवा केवल वैज्ञानिक ही न बनें, बल्कि योद्धा वाली मानसिकता भी रखें, जो उनके निजी जीवन में आगे बढ़ने में तो सहायक होगा ही, साथ ही साथ समाज और देश की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक होगा
अगर आपकी रक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, तो कोई भी शत्रु, कोई भी विरोधी, आपकी समृद्धि पर, आंख उठाकर नहीं देखेगा, उसे target करने की कोशिश नहीं करेगा। इसलिए मैं पूरी ज़िम्मेदारी के साथ, आप लोगों के सामने कहना चाहूंगा, कि ‘Defense expenditure is a part of development expenditure’
जब देश की सुरक्षा व्यवस्था पर आंच आती है, तो निश्चित तौर पर देश का Development पीछे जाता है, देश के infrastructure को नुकसान पहुंचता है, देश के नागरिकों के जान-माल को नुकसान होता है। इसलिए मेरा मानना यह है, कि defence पर किया expenditure, इस तरह के नुकसान को avoid करता है
यह समय है, कि हम challenge से चिंतित होने की बजाय, opportunity देखें। तभी आने वाले वर्षों में, हम सभी मिलकर, भारत को सिर्फ technology का consumer नहीं, बल्कि technology creator और इस sector में global leader बना सकते हैं
Indian economy की, जिस rapid rail के हम सब सहयात्री हैं, उसके अगले stations growth, prosperity और खुशियों के हैं। दरवाजे दोनों side खुलेंगे। इसलिए यह सही समय है, भारत की Economic Journey से जुडने का। मैं मानता हूँ कि Secure, Inclusive, Sustainable Growth का समाधान भारत से ही निकलेगा। यह मेरा अडिग विश्वास है।”