
कडाना डैम के 6 गेट खुले
गुजरात में शनिवार से भारी बारिश की सिलसिला जारी है। इससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, कई इलाकों में जलभराव भी हुआ है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इस बीच धरोही डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार जलस्तर बढ़ने पर धरोई बांध के चार गेट खोल दिए गए। साबरमती नदी में लगभग 58,880 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
राहत एवं बचावकर्मियों ने साबरकांठा के प्रांतिज में साबरमती नदी से एक व्यक्ति को बचाया। साबरमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण यह व्यक्ति पानी में फंस गया था। रात के समय एक व्यक्ति के नदी में फंसे होने की सूचना मिली। मोडासा, प्रांतिज, हिम्मतनगर और दहेगाम अग्निशमन विभाग की टीमों को बुलाया गया और रात में ही व्यक्ति को सफलतापूर्वक बचा लिया गया।
पानी में बही एनडीआरएफ की नाव
उपवास में भारी बारिश के कारण साबरमती में स्थिति चिंताजनक हो गई है। धरोई बांध से पानी छोड़ते समय एनडीआरएफ की टीम नाव पानी में बह गई। वलसाणा रोड पर साबरमती नदी में ट्रैक्टर समेत लोग फंस गए थे। बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान के दौरान एनडीआरएफ की नाव पानी में बह गई। लाइफ जैकेट के साथ टीम के उतरते ही तलाश शुरू हुई। बचाव अभियान के दौरान, रस्सी से नाव खींचते समय पानी के तेज बहाव के कारण नाव पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव पानी के बहाव के साथ बह गई। यह घटना साबरकांठा के उंडणी पुल के पास हुई।
कडाना बांध से 54540 क्यूसेक पानी छोड़ा
राज्य के तीसरे सबसे बड़े कडाना बांध से 54540 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। कडाना बांध महिसागर सहित 8 जिलों के लिए जीवन रेखा है। कडाना बांध अपने उच्चतम जलस्तर पर पहुंच गया। इसके बाद पानी छोड़ा गया है। कडाना बांध में ऊपर से भारी मात्रा में पानी आने के कारण 6 गेट 4 फीट तक खोल दिए गए हैं। कडाना बांध की कुल सतह 419 फीट है और इसमें 416 फीट तक पानी भरा है। इसमें 91131 क्यूसेक पानी आ रहा है। वहीं, 54540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस बांध की 3 इकाइयां चालू हो चुकी हैं। इससे 180 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
माही नदी में 39200 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 6 गेट 4 फीट तक खोले गए हैं। यदि बांध का जलस्तर बढ़ता है तो, चरणबद्ध तरीके से और पानी छोड़ा जाएगा। माही नदी के निचले इलाकों को अलर्ट कर दिया गया है। कडाणा बांध अपनी कुल सतह से केवल तीन फीट दूर है। (इनपुट- दक्षेष शाह)
