Apple 9 सितंबर को करेगा बड़ा इवेंट, iPhone 17 और नए Apple Watch की हो सकती है घोषणा


एप्पल ने हाल ही में अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri के AI अपडेट को टाल दिया था।- India TV Hindi
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एप्पल ने हाल ही में अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri के AI अपडेट को टाल दिया था।

एप्पल ने पुष्टि की है कि वह 9 सितंबर 2025 को अपने मुख्यालय एप्पल पार्क, क्यूपरटिनो में एक बड़ा इवेंट आयोजित करेगा। मीडिया को भेजे गए निमंत्रण में इस इवेंट का टैगलाइन रखा गया है – “Awe dropping”, जो कंपनी के नए प्रोडक्ट्स को लेकर उत्सुकता और बढ़ा रहा है। CNN की खबर के मुताबिक, एप्पल हर साल सितंबर में अपने नए iPhone पेश करता है और इस बार भी iPhone 17 के अनावरण की पूरी उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा नई Apple Watches और अन्य संभावित डिवाइसेज़ की भी घोषणा हो सकती है।

खबर के मुताबिक, iPhone, एप्पल की सबसे अधिक बिक्री वाला प्रोडक्ट है, इसलिए यह लॉन्च कंपनी के लिए खास मायने रखता है। हालांकि मौजूदा आर्थिक हालात और उपभोक्ताओं के सीमित बजट को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि नया मॉडल बाजार में कैसा प्रदर्शन करता है।

AI के युग में Apple की अगली चाल

यह इवेंट इसलिए भी अहम है क्योंकि एप्पल ने हाल ही में अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri के AI अपडेट को टाल दिया था। यह अपडेट Siri को ChatGPT और Google Gemini जैसे जनरेटिव एआई टूल्स के बराबर लाने की दिशा में एक अहम कदम होता। पिछले साल कंपनी ने iPhone 16 को Built for Apple Intelligence टैगलाइन के साथ लॉन्च किया था, और संभावना है कि इस साल भी AI-सक्षम फीचर्स पर जोर दिया जाएगा।

निवेशकों और टेक जगत की निगाहें Apple पर

एप्पल का यह इवेंट केवल एक नए iPhone की घोषणा नहीं है, बल्कि यह जांचने का मौका भी है कि क्या एप्पल अभी भी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का लीडर बना हुआ है या नहीं। निवेशक इस इवेंट को कंपनी की दिशा, खासकर AI और हार्डवेयर इंटीग्रेशन के मामले में, एक संकेत के रूप में देख रहे हैं।

Apple ने iPhones के प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा भारत में किया शिफ्ट

एप्पल ने अमेरिका में बिकने वाले अपने ज्यादातर iPhones का उत्पादन भारत में शिफ्ट कर दिया है। इस कदम का मकसद चीन पर निर्भरता को कम करना है, जो अभी तक iPhone निर्माण का प्रमुख केंद्र रहा है। हालांकि भारत को अमेरिका की ओर से हाल ही में 50% टैरिफ का सामना करना पड़ा है, फिर भी स्मार्टफोन फिलहाल इस शुल्क से मुक्त हैं। यानी Apple के iPhones पर यह टैरिफ लागू नहीं होगा। यह बदलाव ऐसे समय पर आया है जब Apple अपने वैश्विक सप्लाई चेन को और अधिक विविध और सुरक्षित बनाना चाहता है। 





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