
अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर बाबा रामदेव का बयान।
अमेरिका ने भारत के ऊपर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ को लागू कर दिया है। आपको बता दें कि इससे पहले भी भारत के निर्यात पर अमेरिका ने 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया था। यानी भारत अब कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। इस मुद्दे पर India TV से बातचीत करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने बड़ी बात कही है। बाबा रामदेव ने भारत के लोगों से अमेरिकी सामाग्रियों के बहिष्कार की अपील की है।
बाबा रामदेव ने कहा भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। एपल के शोरूम पर भारत का कोई भी जागरूक और देशभक्त नागरिक दिखना नहीं चाहिए। जब तक डोनाल्ड ट्रंप के होश न ठिकाने न आ जाएं। बाबा रामदेव ने केएफसी, मैक-डी, सब-वे आदि में जाने से बचने की सलाह दी है। कोका कोला, पेप्सी, एडिडास, नाइकी जैसे कंपनियों का पूर्ण बहिष्कार किया जाना चाहिए। इस वक्त कोई भी अमेरिकी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहा है वो देश के साथ धोखा है। लाखों लोगों ने बलिदान देकर देश को आजादी दिलाई है। ये आर्थिक आजादी की लड़ाई है। इस बार अपमान का बदला सभी लोगों को मिलकर आना चाहिए।
ट्रंप ने गलती कर दी है कि इतने बड़े उपभोक्ता जिस देश में हैं उसे छेड़ दिया है। भारत अगर चीन, रूस, मध्य पूर्व के देश और यूरोप के देशों के साथ मिलकर नया गठबंधन बना लेता है तो डॉलर सीधा आधा हो सकता है। डॉलर अपनी करेंसी की ताकत के बल पर डॉलर नहीं है। पूरे विश्व में व्यापार डॉलर में होगा ये एक दादागिरी है। इसे राजनीतिक, लोकतांत्रिक या तानाशाही कहो लेकिन ये सरेआम दादागिरी-गुंडागर्दी है। इधर से भारतीयों को बहिष्कार करना पड़ेगा। हमें शत्रु के साथ शत्रु की तरह ही व्यवहार करना पड़ेगा। अमेरिका को झुकाने के लिए ये करना पड़ेगा।
स्वदेशी के तीन अर्थ है। भारत में बना हुआ, भारतीयों के पैसों से विश्व के लिए बना हुआ और तीसरा स्वदेशी अर्थव्यस्था, कृषि, शिक्षा, चिकित्सा, स्वधर्म का गौरव और स्वदेश के लिए अपना सबकुछ आहूत करने का संकल्प। भारत को नए कीर्तिमान गढ़ने पड़ेंगे। पूरी दुनिया भारत में आकर उपचार लें। पूरी दुनिया की शिक्षा का, चिकित्सा का, ऑर्गैनिक कृषि लोग हमसे सीखें। भारत को चीन की तरह मैनुफैक्चरिंग का हब बनना चाहिए।