
दिलीप घोष, बीजेपी नेता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने पलटवार करते हुए कहा है कि चोर कौन है, यह सबको पता है। यहां SIR शुरू होने के बाद यहां के 1 करोड़ से ज़्यादा फ़र्ज़ी वोटर भी बाहर हो जाएंगे, इसलिए उनकी (टीएमसी) सरकार यहां भी नहीं बनेगी। वे इससे डरे हुए हैं, इसलिए ऐसे बेतुके बयान दे रहे हैं। देश की सबसे भ्रष्ट सरकार पश्चिम बंगाल में है।
पूरे राज्य का अपमान किया गया
दरअसल, ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें पीएम मोदी से कभी यह उम्मीद नहीं थी कि वे उनकी कुर्सी का अनादर करने के साथ-साथ राज्य के लोगों को ‘चोर’ बताकर पूरे प्रांत का अपमान करेंगे।
पूर्व बर्धमान जिले के बर्धमान शहर में लोगों के बीच सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ वितरित करने के लिए आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बनर्जी ने मोदी की टिप्पणी को पश्चिम बंगाल के लोगों का ‘अपमान’ बताया और केंद्रीय धन के आवंटन पर रोक लगाने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य के खजाने पर ‘भारी बोझ’ पड़ा है।
मुझे उम्मीद नहीं थे वे चोर कहेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को मेरी कुर्सी का उतना ही सम्मान करना चाहिए जितना मैं उनकी कुर्सी का करती हूं। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि वे पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘चोर’ कहेंगे।’’ बनर्जी ने दावा किया, ‘‘सच तो यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार की तथाकथित ‘डबल इंजन’ वाली भाजपा सरकारों के कामकाज पर आंखें मूंद ली हैं, जहां भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।’’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि हर बार जब चुनाव आता है तो मोदी प्रवासी पक्षी की तरह पश्चिम बंगाल आते हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में कुछ नहीं मिला
बनर्जी ने दावा किया कि राज्य प्रशासन ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रीय धन के उपयोग के बारे में केंद्र सरकार के सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दे दिया है। बनर्जी ने कहा, ‘‘हमने आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिए हैं, फिर भी आप धन का वितरण रोक रहे हैं और पश्चिम बंगाल को ‘चोर’ कह रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल में 186 केंद्रीय टीमें भेजीं और उन्हें कुछ नहीं मिला।