
दिनेश के पटनायक
नई दिल्लीः भारत सरकार ने विदेश सेवा के सीनियर अधिकारी दिनेश के. पटनायक को कनाडा में अपना राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। यह नियुक्ति भारत द्वारा कनाडा से उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बीच वापस बुलाने के लगभग नौ महीने बाद हुई है। दिनेश जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।
कौन हैं दिनेश के. पटनायक?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दिनेश के. पटनायक भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1990 बैच के अधिकारी हैं। वह वर्तमान में स्पेन में भारत के राजदूत हैं। पटनायक एक अनुभवी राजनयिक हैं, जिन्हें दुनिया भर में प्रमुख राजनयिक कार्यों में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। पटनायक के ऊपर भारत और कनाडा के बीच संबंध को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।
क्रिस्टोफर कूटर होंगे भारत में कनाडा के राजदूत
जानकारी के मुताबिक, भारत और कनाडा ने बृहस्पतिवार को एक-दूसरे की राजधानियों में अपने-अपने राजनयिकों की नियुक्ति की घोषणा की। भारत ने जहां वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के पटनायक को ओटावा में अपना अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया। वहीं, कनाडा ने क्रिस्टोफर कूटर को नयी दिल्ली में अपना नया उच्चायुक्त बनाने की घोषणा की।
ट्रूडो के जाने के बाद सुधर रहे दोनो देशों के बीच संबंध
कनाडा सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ये नियुक्तियां दोनों देशों के नागरिकों और व्यवसायों के लिए आवश्यक राजनयिक सेवाएं बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और कनाडा 2023 में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या के बाद द्विपक्षीय संबंधों में आई तल्खी को दूर करने की कोशिशों में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने 17 जून को कनाडा के कनानसकीस में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया था
कौन हैं क्रिस्टोफर कूटर
क्रिस्टोफर कूटर के पास 35 वर्षों का कूटनीतिक अनुभव है। हाल ही में उन्होंने इजराइल में कनाडा के प्रभारी राजदूत के रूप में काम किया। वह दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, लेसोथो, मॉरीशस और मेडागास्कर में कनाडा के उच्चायुक्त के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। कूटर ने 1998 से 2000 तक नयी दिल्ली स्थित कनाडाई उच्चायोग में प्रथम सचिव के रूप में भी कार्य किया था।
2023 में बिगड़ गए थे रिश्ते
साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट का हाथ होने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। पिछले साल अक्टूबर में भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था, जब ओटावा ने उन्हें निज्जर मामले से जोड़ने की कोशिश की थी। भारत ने इतनी ही संख्या में कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित भी कर दिया था। हालांकि, अप्रैल में संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता कार्नी की जीत ने द्विपक्षीय संबंधों को पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने में मदद की।
(भाषा इनपुट के साथ)