
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और जापान के समकक्ष शिगेरू इशिबा (दाएं) के बीच करार।
टोक्योः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों में कई अहम समझौते हुए हैं। इनमें “पीपल-टू-पीपल संपर्क” काफी अहम है। इसके तहत जापान ने भारतीय टैलेंटेड युवाओं के लिए नौकरियों का द्वार खोल दिया है। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख लोगों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और अन्य यात्राएं शामिल होंगी। इसके तहत भारतीय युवाओं को जापान में जॉब मिलने में मदद मिलेगी।
विदेश सचिव ने दी जानकारी
भारत और जापान के बीच हुए इस समझौते के बारे में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विस्तार से जानकारी दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन के दौरान भारत और जापान के बीच “पीपल-टू-पीपल संपर्क” को काफी अहम बताया था। विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय जापान यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच मानव संसाधन विनिमय पर एक महत्वपूर्ण कार्य योजना पर सहमति बनी है।
उन्होंने कहा, “आज दोनों पक्षों ने मानव संसाधन विनिमय पर एक अहम कार्य योजना को अंतिम रूप दिया, जिसमें अगले पांच वर्षों में कुल 5,00,000 लोगों के द्विपक्षीय आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भारत से जापान के लिए 50,000 कुशल और अर्ध-कुशल कर्मियों को भेजना भी शामिल है। यह पहल भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहराई देगी। साथ ही दोनों देशों के बीच जनता-से-जनता संपर्क (People-to-People Connect) को नई दिशा प्रदान करेगी।