
वोटर अधिकार यात्रा में तेजस्वी और राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी और महागठबंधन के कुछ अन्य नेता एक खुली जीप पर सवार दिखे और उन्होंने जगह-जगह उत्साही भीड़ का अभिवादन स्वीकार किया। इस मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। सासाराम से 17 अगस्त को शुरू हुई 16 दिवसीय यात्रा एक सितंबर को पटना में ‘‘विशाल पैदल मार्च’’ के साथ समाप्त होगी।
‘अबकी बार, भाजपा बिहार से बाहर’
यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “हमने उन्हें अवध में हराया था, आप लोग उन्हें मगध (बिहार) में हराइये।” अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार का महत्वपूर्ण चुनाव है, जिस पर पूरे देश की निगाहें हैं। उन्होंने कहा, “यह उत्साह बता रहा है कि जनता भाजपा और उसके सहयोगियों को हराने जा रही है।” उन्होंने कहा, “मैं नारा दे रहा हूं: अबकी बार, भाजपा बिहार से बाहर।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने चुनाव आयोग को जुगाड़ आयोग बना दिया है। सपा नेता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से बढ़कर कोई ‘‘सिरफिरा फैसला’’ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “बिहार ने एक बार भाजपा का रथ रोका था और इस बार भी बिहार के लोग भाजपा का रथ रोकेंगे।”
चुनाव आयोग बना जुगाड़ आयोग
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “बीजेपी जिस तरह काम करती है यह इस्तेमाल पार्टी है, यह लोगों का इस्तेमाल करती है। यह इस्तेमाल करेगी फिर उसके बाद लोगों को बर्बाद कर देगी। चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है, भारतीय जनता पार्टी ने इसको जुगाड़ आयोग बना दिया है। बिहार की जनता ने यह भी देखा है कि जहां युवा पलायन करते थे, उन्हें तेजस्वी ने नौकरी रोजगार देने का काम किया था। इस बार बीजेपी का पलायन होने जा रहा है। यह पहले वोट का अधिकार छीनेंगे, फिर राशन का अधिकार छीन लेंगे, फिर नौकरी का अधिकार छीनेंगे, यह हमको सड़क पर लाना चाहते हैं। जो लड़ाई 5 हजार साल से चल रही है भेदभाव और अन्याय की, वह अभी भी जारी है।”
वोटर अधिकार यात्रा
बता दें कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यह यात्रा अब तक रोहतास, औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, शेखपुरा, नालंदा, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सीवान से होकर गुजर चुकी है। अब यह यात्रा सारण के बाद भोजपुर से गुजरेगी।