
मिया ओ’ब्रायन
दुबई: दुबई में एक 23 वर्षीय ब्रिटिश छात्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस लड़की का नाम मिया ओ’ब्रायन है और वह इस समय शहर की केंद्रीय जेल में बंद है। छात्रा की मां डेनिएल मैककेना का कहना है कि वो बहुत दुखीं हैं और उन्होंने बीते साल अक्टूबर से अपनी बेटी को नहीं देखा है।
छात्रा की मां ने बताया कि मिया को एक ऐसी लड़की बताया गया था जो एक GoFundMe धन उगाहने वाले अभियान में गलत लोगों के साथ जुड़ गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। GoFundMe के एक प्रवक्ता ने द सन को बताया कि धन उगाहने वाले अभियान को “हमारी सेवा की शर्तों के निषिद्ध आचरण खंड की धारा 9 का उल्लंघन करने के कारण हटा दिया गया था।” उन्होंने बताया, “धारा 9 कुछ कथित अपराधों के कानूनी बचाव के लिए GoFundMe पर धन जुटाने पर रोक लगाती है।”
मां ने GoFundMe पेज पर लिखा अपना दर्द
मिया की मां ने हटाए जा चुके GoFundMe पेज पर लिखा, “मिया को दुबई में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और वह अब केंद्रीय कारागार में है। जैसा कि आप सभी शायद कल्पना कर सकते हैं, उसकी मां होने के नाते मैं पूरी तरह से टूट चुकी हूं। मैंने पिछले अक्टूबर से अपनी बेटी को नहीं देखा है। मिया केवल 23 साल की है और उसने अपने जीवन में कभी कोई बुरा काम नहीं किया है। यह एक छोटी लड़की है, जो कानून की पढ़ाई करने के लिए विश्वविद्यालय गई थी, और दुर्भाग्य से गलत तथाकथित दोस्तों के साथ उलझ गई और एक बहुत ही मूर्खतापूर्ण गलती कर बैठी और अब उसकी कीमत चुका रही है।”
दुबई में आजीवन कारावास का मतलब क्या?
संयुक्त अरब अमीरात में आजीवन कारावास का मतलब 15 से 25 साल तक की जेल हो सकती है। द सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपने सख़्त क़ानूनों के लिए जाना जाने वाला यह देश आमतौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी और कब्ज़ा, हत्या या हत्या के प्रयास, मानव तस्करी और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों के लिए आजीवन कारावास की सजा देता है।
मिया ओ’ब्रायन ने क्या किया?
मिया के परिवार ने उसके अपराध का खुलासा नहीं किया, बस इसे एक “बेवकूफी भरी गलती” बताया। द मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय की इस छात्रा को अक्टूबर में 50 ग्राम क्लास ए ड्रग के साथ पकड़ा गया था। इस ड्रग की कीमत लगभग 2,500 पाउंड (लगभग ₹3 लाख) आंकी गई थी।
