
नेपाल के आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल।
काठमांडू: नेपाल में पिछले 3 दिनों से चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच नेपाल आर्मी के प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल अचानक से अहम भूमिका में आ गए हैं। इस समय यह कहना गलत नहीं होगा कि पूरे देश की बागडोर उनके हाथों में आ गई है। जनरल सिग्देल ने देशवासियों और जेनरेशन Z प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और बातचीत के लिए आगे आने की अपील की है। यह प्रदर्शन भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर सरकारी पाबंदी के खिलाफ शुरू हुए थे, जिसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
कौन हैं जनरल अशोक राज सिग्देल?
जनरल अशोक राज सिग्देल नेपाल आर्मी के 45वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ हैं। उनका जन्म 1 फरवरी 1967 को नेपाल के रूपंदेही में हुआ था। उन्होंने 1986 में नेपाल आर्मी जॉइन की और 1987 में कमीशन प्राप्त किया। सिग्देल ने चीन की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से स्ट्रैटेजिक स्टडीज में मास्टर्स और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से एमए की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा, उन्होंने नेपाल, चीन और भारत में कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, जिनमें भारत का डिफेंस मैनेजमेंट कोर्स भी शामिल है।

नेपाल के सेनाध्यक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल को भारतीय सेना के जनरल का मानद रैंक प्रदान करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
शानदार रहा है जनरल सिग्देल का करियर
सिग्देल का सैन्य करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इंस्पेक्टर जनरल, डायरेक्टर ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और बटालियन, ब्रिगेड और डिवीजन की कमान संभाली। वह संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में यूगोस्लाविया, ताजिकिस्तान और लाइबेरिया में तैनात रहे। 9 सितंबर 2024 को राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने उन्हें नेपाल आर्मी का प्रमुख नियुक्त किया। दिसंबर 2024 में भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारतीय सेना के मानद जनरल का रैंक प्रदान किया।
मंगलवार को सेना ने संभाली जिम्मेदारी
नेपाल में सोमवार को शुरू हुए जेन Z के प्रदर्शनों ने मंगलवार को पूरे देश को हिला डाला। प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों के दफ्तरों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी। यह विरोध भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी के खिलाफ था। हालांकि, सोमवार रात को सोशल मीडिया पर पाबंदी हटा ली गई, लेकिन प्रदर्शन नहीं रुके। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य मंत्रियों के इस्तीफे के बाद नेपाल आर्मी ने मंगलवार रात 10 बजे से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने का ऐलान किया।

थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी नेपाल के जनरल अशोक राज सिग्देल का नई दिल्ली में स्वागत करते हुए।
सिग्देल ने ओली को इस्तीफा देने को कहा?
बता दें कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रदर्शनकारियों के दबाव में इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद नेपाल में प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जनरल सिग्देल ने ही ओली को इस्तीफा देने की सलाह दी थी। सेना द्वारा कमान संभालने के बाद मुल्क में हिंसा की घटनाओं में कमी भले ही आई हो लेकिन यह पूरी तरह से रुकी नहीं है। हालांकि नेपाल के मौजूदा हालात में जनरल अशोक राज सिग्देल एक महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में उभरे हैं। माना जा रहा है कि अपने अनुभव और नेतृत्व के दम पर वह देश में शांति और स्थिरता लाने में कामयाब होंगे।
