बॉलीवुड की पहली ग्रेजुएट हीरोइन, पिता थे इंग्लिश प्रोफेसर और पति मशहूर डॉक्टर, गुमनामी में हुआ था दर्दनाक अंत


Leela Chitnis- India TV Hindi
Image Source : @NFDCINDIA/INSTAGRAM
लीला चिटनिस।

आज के समय में बॉलीवुड में कई पढ़े-लिखे एक्टर हैं। नाम और शोहरत की चाह में किसी ने इंजीनियरिंग की नौकरी को ठोकर मार दी तो किसी ने डॉक्टरी जैसे पेशे से दूरी बना ली। इनमें पंचायत सीरीज के जितेंद्र कुमार से लेकर अमीषा पटेल तक के नाम शामिल हैं। लेकिन, क्या आप बॉलीवुड की पहली ग्रेजुएट एक्ट्रेस के बारे में जानते हैं? बड़े घराने से आने वाली ये अभिनेत्री हिंदी सिनेमा के उस दौर का हिस्सा बनीं, जब सिनेमा बदलाव का माध्यम बन रहा था। हम बात कर रहे हैं लीला चिटनिस की, जो अपने समय की सबसे पढ़ी-लिखी एक्ट्रेस थीं और हिंदी सिनेमा की पहली ग्रेजुएट अभिनेत्री थीं। उन्होंने हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा में कई बेहतरीन किरदार निभाए और राज कपूर से लेकर अशोक कुमार जैसे स्टार्स के साथ काम किया।

कला में ग्रेजुएट थीं लीला चिटनिस

लीला चिटनिस की बात करें तो 9 सितंबर 1909 को जन्मीं अभिनेत्री के पास कला में स्नातक की डिग्री थी, वो भी उन दिनों में जब महिलाओं को पढ़ने-लिखने की आजादी नहीं थी। उनका जन्म एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता इंग्लिश के प्रोफेसर थे, जिसके चलते बचपन से ही उन्हें पढ़ाई-लिखाई का महत्व समझाया गया था। लीला ने बीए की डिग्री की और जाने-माने डॉक्टर गजानन यशवंत चिटनिस की पत्नी बनीं।

पति के साथ रिश्ते में आई दरार

गजानन यशवंत चिटनिस एक मशहूर डॉक्टर थे। शादी के बाद लीला ने चार बेटों को जन्म दिया, लेकिन धीरे-धीरे पति गजानन के साथ उनके रिश्ते में दरार आने लगी। आखिरकार लीला ने पति से अलग होने का फैसला लिया और तलाक लेकर अपने बच्चों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। उन्होंने अकेले ही अपने बेटों की परवरिश की। शुरुआत में वह एक टीचर के तौर पर काम कर रही थीं, लेकिन फिर धीरे-धीरे फिल्मों का रुख कर लिया।

छोटे-छोटे रोल से की शुरुआत

लीला चिटनिस ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत छोटे-छोटे किरदारों से की, कई बार एक्स्ट्रा के रोल भी किए, क्योंकि उन्हें अपना घर चलाना था और बेटों की परवरिश करनी थी। उनके पास जो भी रोल आते, वह कर लेतीं। लेकिन, 1937 में आई ‘जेंटलमैन डाकू’ ने उनके करियर की दिशा बदल दी। इस फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय से सबको चौंका दिया। इसके बाद वह ‘आजाद’, ‘कंगन’, ‘बंधन’, ‘झूला’ और ‘बॉम्बे टॉकीज’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। आगे चलकर उन्होंने ‘शहीद’ में दिलीप कुमार की मां का भी किरदार निभाया और स्क्रीन पर मां के किरदारों के लिए भी जानी गईं।

दर्दनाक रहे आखिरी दिन

लीला चिटनिस के लिए उनकी जिंदगी के आखिरी दिन काफी दर्द भरे और चुनौतियों से भरे रहे। चार बेटों के होने के बाद भी आखिरी दिन अकेलेपन में गुजरे। उन्होंने पॉपुलैरिटी के लिए कभी खुद को नहीं बदला, जो उनकी खूबी भी रही और कमजोरी भी। अंतिम सालों में वह अमेरिका के एक वृद्धाश्रम में रहीं और देश से दूर गुमनामी के अंधेरे में उन्होंने 14 जुलाई 2003 को आखिरी सांस ली।

ये भी पढ़ेंः

23 साल के हुए अक्षय-ट्विंकल के लाडले आरव, 15 की उम्र में छोड़ दिया था घर, अब पापा ने इस अंदाज में किया विश

लाख कोशिश के बाद भी बेटे को स्टार नहीं बना पाया फिल्ममेकर, पानी की तरह बहाया पैसा, फिर भी डूबी स्टारकिड की नैया

Latest Bollywood News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *