इंडोनेशिया में कांपी धरती, महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके; जानें कितनी रही तीव्रता


Indonesia Earthquake- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV
Indonesia Earthquake

Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया के मध्य पापुआ प्रांत में शुक्रवार तड़के (19 सितंबर 2025) भूकंप तेज झटके महसूस किए गए हैं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई है। भूकंप का केंद्र नाबिरे शहर से 28 किलोमीटर (17 मील) दक्षिण में स्थित था। इंडोनेशिया दुनिया के उन देशों में से एक है, जो सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आता है। 

भूकंप के लिहाज संवेदनशील क्षेत्र है इंडोनेशिया

इंडोनेशिया एशिया और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के बीच स्थित है और प्रशांत महासागर के किनारे बसा हुआ है। इस क्षेत्र को रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। रिंग ऑफ फायर वह इलाका है, जहां विश्व के लगभग 90 फीसदी भूकंप आते हैं और 75 प्रतिशत ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं। इंडोनेशिया इसी पट्टी में आता है, इसलिए यहां लगातार टेक्टोनिक प्लेट्स में हलचल बनी रहती है। इंडोनेशिया कई बड़ी प्लेट्स के बीच स्थित है, जैसे इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट, यूरेशियन प्लेट और पैसिफिक प्लेट। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं तो भूकंप आते हैं। इंडोनेशिया की धरती के नीचे प्लेट्स का यह लगातार दबाव उसे दुनिया का सबसे भूकंप संवेदनशील क्षेत्र बनाता है।

सुनामी का बना रहता है खतरा

इंडोनेशिया का अधिकांश हिस्सा द्वीपों से बना है और इसके चारों ओर समुद्र फैला हुआ है। जब समुद्र की गहराई में भूकंप आता है तो वह सुनामी का रूप ले लेता है। 2004 की हिंद महासागर सुनामी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें इंडोनेशिया के आचेह प्रांत में लाखों लोग मारे गए थे।

इंडोनेशिया को कहते हैं ज्वालामुखियों का देश

इंडोनेशिया को ज्वालामुखियों का देश भी कहा जाता है। यहां लगभग 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं। जब ज्वालामुखीय गतिविधि होती है तो उसके साथ भूकंप भी आते हैं। ज्वालामुखी फटने से भूमि के नीचे दबाव बदलता है और धरती कांप उठती है। इंडोनेशिया में हर साल हजारों छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं। इनमें से कई इतने हल्के होते हैं कि लोगों को महसूस भी नहीं होते, लेकिन कई बार यह 7 या उससे अधिक तीव्रता तक पहुंच जाते हैं। इंडोनेशिया की आबादी लगभग 27 करोड़ से अधिक है और लोग बड़े पैमाने पर तटीय इलाकों और द्वीपों पर रहते हैं। भूकंप और सुनामी का सबसे ज्यादा असर इन्हीं इलाकों पर होता है।

यह भी पढ़ें:

रूस में फिर आया भूकंप, जानें कितनी रही तीव्रता; जारी हुआ सुनामी का अलर्ट

जैश कमांडर ने खोली पोल, कहा- ‘भारतीय हमले में मारे गए लोगों के जनाजे में शामिल होने का मुनीर ने दिया था आदेश’

Latest World News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *