
Donald Trump (L) Robert F Kennedy Jr (R)
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं को ऑटिज्म से ‘संबंध’ के कारण टाइलेनॉल (पेरासिटामोल) नहीं लेना चाहिए। ट्रंप के इस दावे को चिकित्सकों की ओर से खारिज कर दिया गया है। यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है। अपने पहले कार्यकाल (2017-21) और दूसरे कार्यकाल के 8 महीनों के दौरान, ट्रंप ने जन स्वास्थ्य के बारे में कई चिंताजनक बयान दिए हैं। ट्रंप ने बिना किसी प्रमाण के कई बार डॉक्टरों की तरह सलाह भी दी है। उदाहरण के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कोविड-19 के इलाज के रूप में प्रचारित करना।
ट्रंप के स्वास्थ्य सचिव ने भी दिए हैं विवादित बयान
ट्रंप के अलावा उनके स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने भी कम विवादास्पद बयान नहीं दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने तो यहां तक कहा है कि बिना पाश्चुरीकृत दूध मानव उपभोग के लिए बेहतर है। यह तब है जब खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि “कच्चा दूध साल्मोनेला, ई कोलाई, लिस्टेरिया, कैम्पिलोबैक्टर जैसे खतरनाक कीटाणुओं से भरा होता है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।”
चलिए ऐसे में ट्रंप के टाइलेनॉल-ऑटिज्म वाले बयान और जन स्वास्थ्य पर उनके एक स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर द्वारा किए गए 2 और चौंकाने वाले दावों पर नजर डालते हैं।
टीकों पर
सबसे चौंकाने वाली बात टीकों से जुड़ी है। कैनेडी, चिल्ड्रन्स हेल्थ डिफेंस के संस्थापक हैं, जो एक टीकाकरण-विरोधी गैर-लाभकारी संस्था है। इसने बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर बार-बार सवाल उठाए हैं। केनेडी ने कोविड टीके को “अब तक का सबसे घातक” भी कहा है। इससे इतर रोग नियंत्रण केंद्र ने कोविड टीके को लेकर किशोरों और युवा वयस्कों में संभावित रूप से घातक हृदय संबंधी घटनाओं से जुड़े संबंधों को खारिज किया है।
अप्रैल में, अमेरिका में बच्चों में ऑटिज्म के बढ़ते मामलों के जवाब में, कैनेडी ने पांच महीनों के भीतर ‘इलाज’ का वादा किया था। उन्होंने कहा था, “सितंबर तक, हमें पता चल जाएगा कि ऑटिज्म महामारी का कारण क्या है और हम उन जोखिमों को खत्म कर पाएंगे।” टाइलेनॉल को लेकर अब किया जा रहा दावा इसी का नतीजा प्रतीत होता है। इस बीच टाइलेनॉल निर्माता केनव्यू ने जोर देकर कहा है कि इस दावे के पीछे कोई “विश्वसनीय विज्ञान” नहीं है।
टाइलेनॉल और ऑटिज्म के बारे में ट्रंप का बयान सोमवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से दिया गया था। इस दौरान कैनेडी और मेडिकेयर एवं मेडिकेड प्रमुख मेहमत ओज उनके साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति ने गर्भवती महिलाओं को सीधे संबोधित करते हुए कहा था, “टाइलेनॉल ना लें। इसे ना लें…बच्चे के जन्म के बाद इसे बच्चे को ना दें।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणी विज्ञान के बजाय ‘सामान्य ज्ञान’ पर आधारित थी।
टाइलेनॉल पर अपने दावे के साथ-साथ ट्रंप ने टीकाकरण प्रोटोकॉल में बदलाव की बात कही और (फिर से बिना किसी सबूत के) यह घोषणा कर दी कि आजकल दिए जाने वाले कई टीके असुरक्षित हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने राष्ट्रपति और उनके स्वास्थ्य सचिव को इस तरह के बयानों के परिणामों के बारे में आगाह किया है, और माता-पिता को चेतावनी दी है कि टीकाकरण विरोधियों की बात सुनने से उनके बच्चे का स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है।
कच्चे दूध पर
पिछले साल जून में स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वह केवल कच्चा दूध ही पीते हैं। पाश्चुरीकरण एक खाद्य संरक्षण प्रक्रिया है जिसमें हानिकारक सूक्ष्मजीवों को मारने और उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए तरल पदार्थों या खाद्य पदार्थों को एक निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है। कच्चा या बिना पाश्चुरीकृत दूध, चाहे वह गाय, भेड़, बकरी या अन्य पशुओं का हो, ऐसे बैक्टीरियों से ग्रस्त होता है जो मानव उपभोग के लिए असुरक्षित होता है, खासकर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए, जैसे कि प्रत्यारोपण रोगी या कैंसर या एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को लिए।
ऐसे में कैनेडी की बातें खाद्य संरक्षण और सुरक्षा के पीछे के मूल विज्ञान के विपरीत है, और इसे खुद FDA की ओर से पूरी तरह से खारिज किया गया है। सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) अपनी वेबसाइट पर इसी तरह की चेतावनियां देता है। हालांकि, बड़ी संख्या में अमेरिकी राज्य, पिछली गणना के अनुसार लगभग 30, इसकी अनुमति देते हैं।
कैनेडी ने दिया था अजीब बयान
जब ट्रंप ने कैनेडी को नियुक्त किया था, तो उन्होंने उनसे “बेकाबू हो जाओ” का आह्वान किया था और घोषणा की थी कि मारे गए अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के भतीजे “अमेरिका को फिर से स्वस्थ बनाएंगे।” टीकाकरण संबंधी अपने भाषणों के अलावा, कैनेडी ने जब यह पद संभाला तो उन्होंने एक बयान दिया था जिसमें कहा था कि एक बार एक कीड़ा उनके “दिमाग में घुस गया और उसका एक हिस्सा खा गया और फिर मर गया।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्या कहा?
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल के इस्तेमाल और ऑटिज्म के बीच संबंध का प्रमाण नहीं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऑटिज्म को बचपन में टीकाकरण और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं द्वारा लोकप्रिय दर्द निवारक दवा टाइलेनॉल (जिसे दुनिया के अन्य हिस्सों में पेरासिटामोल के रूप में जाना जाता है) के सेवन से जोड़ने के बाद आई है।
डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने कहा, “हम जानते हैं कि टीके ऑटिज्म का कारण नहीं बनते। जैसा कि मैंने कहा, टीके अनगिनत लोगों की जान बचाते हैं। यह एक ऐसी बात है जिसे विज्ञान ने सिद्ध कर दिया है, और इन बातों पर वास्तव में सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।” इससे पहले, यूरोपीय औषधि एजेंसी (ईएमए) ने भी कहा था कि ऐसा कोई नया प्रमाण नहीं है जिसको लेकर यह कहा जा सके कि गर्भावस्था के दौरान पेरासिटामोल का उपयोग हानिकारक है।
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