देश के इस पूर्वी राज्य में भारी बारिश, तट की ओर बढ़ रहा गहरा दबाव, मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह


Odisha- India TV Hindi
Image Source : X @MCBBSR
ओडिशा के पास गहरा दबाव का क्षेत्र बना

भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी के ऊपरी बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह ओडिश के तट की ओर बढ़ रहा है जिसके कारण बृहस्पतिवार को भारी बारिश हुई। राज्य सरकार ने हालात से निपटने के लिए चिन्हित संवेदनशील जिलों में कर्मियों और मशीनरी को तैनात किया है। राज्य के सभी हिस्सों में मुख्य रूप से तटीय और दक्षिणी क्षेत्रों में बुधवार से ही भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को ओडिशा के सभी 30 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

17 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है गहरे दबाव का क्षेत्र

आईएमडी ने बयान में कहा कि बुधवार को रात में बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र बना जो 17 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से तट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “यह प्रणाली बृहस्पतिवार को सुबह 5 बज कर 30 मिनट पर गोपालपुर से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 190 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुरी (ओडिशा) से 230 किलोमीटर दक्षिण, विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 250 किलोमीटर पूर्व और पारादीप (ओडिशा) से 310 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में केंद्रित थी।” 

आज रात तक ओडिशा को पार करने का अनुमान

आईएमडी ने बताया कि इस तूफान के दो अक्टूबर की रात तक ओडिशा को पार करके आंध्र प्रदेश से लगे हुए गोपालपुर और पारादीप तटों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गहरा दबाव एक ऐसी स्थिति है जो एक सुस्पष्ट निम्न दबाव के बाद और चक्रवाती तूफान से पहले आती है, जिसके बाद आमतौर पर भारी वर्षा और तेज हवाएं चलती हैं। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश का रेड अलर्ट, 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट (7 से 20 सेंटीमीटर बारिश) और बचे हुए 14 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट (7 से 11 सेंटीमीटर बारिश) जारी किया है। 

मछुआरों को अलर्ट किया गया

मछुआरों को तीन अक्टूबर तक ओडिशा तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। बुलेटिन में कहा गया है, “गहरे दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मध्य बंगाल और उससे लगे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक अक्टूबर से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घण्टे से 60 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से तूफानी हवा चलने की संभावना है। दो अक्टूबर की दोपहर से तीन अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में यह रफ्तार धीरे-धीरे 55-65 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति तक पहुंच जाएगी।” आईएमडी ने राज्य के सभी बंदरगाहों पर ‘स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या-तीन’ (एलसी-3) लगाने का भी सुझाव दिया है। (इनपुट-भाषा)

Latest India News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *